वैश्विक शेयर बाजार रैंकिंग में भारत सातवें स्थान पर फिसला, दक्षिण कोरिया निकला आगे
क्या है खबर?
भारतीय शेयर बाजार की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक शेयर बाजार रैंकिंग में भारत अब सातवें स्थान पर फिसला गया है। दक्षिण कोरिया ने भारत को पीछे छोड़ दिया है, जबकि पिछले सप्ताह ताइवान भी भारत से आगे निकल गया था। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ डॉलर (लगभग 475 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है। वहीं भारत का मार्केट कैप घटकर 4.8 लाख करोड़ डॉलर रह गया है।
वजह
AI और चिप कंपनियों ने कोरिया को दिलाई बढ़त
दक्षिण कोरिया के बाजार को इस साल AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर से बड़ा फायदा मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, कोरियाई बाजार के वैल्यूएशन में 2026 में अब तक 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स जैसी बड़ी कंपनियां इस तेजी की प्रमुख वजह रही हैं। इसी तरह ताइवान को भी चिप निर्माता कंपनी TSMC से मजबूती मिली है। इन बड़ी कंपनियों ने दोनों बाजारों की कुल वैल्यू बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
गिरावट
भारत का बाजार 11 प्रतिशत गिरा
भारतीय शेयर बाजार इस साल दबाव में रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में अब तक भारतीय बाजार करीब 11 प्रतिशत गिर चुका है। वहीं दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 99 प्रतिशत और ताइवान का प्रमुख बाजार सूचकांक 55 प्रतिशत तक चढ़ा है। अमेरिका का टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक इंडेक्स भी 21 प्रतिशत बढ़ा है। लगातार कमजोर प्रदर्शन के कारण भारत की वैश्विक बाजार रैंकिंग में गिरावट देखने को मिली है।
चिंता
तेल और मानसून से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची तेल कीमतें और कमजोर आर्थिक संकेत भारतीय बाजार पर दबाव बना रहे हैं। इसके अलावा, भारत मौसम विभाग ने मानसून का अनुमान दीर्घकालिक औसत के 90 प्रतिशत तक घटाया है। इससे आर्थिक वृद्धि, महंगाई और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है। बाजार जानकारों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया का तनाव कम होता है और तेल कीमतें घटती हैं, तो भारतीय बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।