
#NewsBytesExplainer: तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि के बयान पर क्या विवाद है और किसने क्या कहा?
क्या है खबर?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर एक विवादित बयान दिया है। इस बयान के बाद देश में एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।
केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने उदयनिधि के बयान के बहाने विपक्षी गठबंधन INDIA पर निशाना साधा है, जबकि विपक्षी गठबंधन की मुख्य पार्टी कांग्रेस की तरफ से मामले पर अलग-अलग बयान आए हैं।
आइए जानते हैं कि यह पूरा विवाद क्या है और किसने क्या प्रतिक्रिया दी।
बयान
किस बयान से शुरू हुआ विवाद?
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की युवा इकाई के अध्यक्ष और मंत्री उदयनिधि ने शनिवार को 'सनातन उन्मूलन सम्मेलन' को संबोधित करते हुए सनातन धर्म को 'समानता एवं सामाजिक न्याय' के खिलाफ बताया था।
उन्होंने कहा, "कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म कर देना चाहिए। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना वायरस का विरोध नहीं कर सकते हैं। हमें इन्हें खत्म करना होगा। इसी तरह हमें सनातन धर्म को भी खत्म करना है।"
भाजपा
भाजपा ने विवादित बयान पर क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उदयनिधि के बयान को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "INDIA गठबंधन हिंदू धर्म से नफरत करता है। यह बयान हमारी विरासत पर हमला है, जो विपक्षी गठबंधन की वोट बैंक और तुष्टीकरण की रणनीति का हिस्सा है।"
दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "उदयनिधि ने सनातन धर्म के खिलाफ न सिर्फ गलत टिप्पणी की, बल्कि उसे बेशर्मी से फिर से दोहराने का काम भी किया है।"
कांग्रेस
कांग्रेस ने उदयनिधि के बयान पर क्या कहा?
सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तरफ से उदयनिधि के बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस सर्वधर्म समभाव पर भरोसा करती है, लेकिन यह भी मानती है कि हर राजनीतिक पार्टी के पास अपने विचार रखने की आजादी है।
दूसरी तरफ कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि समानता की बात नहीं करने वाला धर्म उनके लिए बीमारी के समान है।
कमलनाथ ने बयान से असहमति जताई।
शिवसेना
उद्धव सेना ने बयान पर क्या कहा?
विपक्षी गठबंधन INDIA में शामिल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मामले पर सोशल मीडिया प्लेफार्म X पर अपनी राय रखी।
उन्होंने लिखा, 'सनातन धर्म शाश्वत सत्य है। यह जीवन जीने का तरीका, विवेक और अस्तित्व का प्रतीक है... सनातन धर्म से जुड़ी देश की आधारशिला सभी आस्थाओं और पहचानों के समावेश की रही है।'
उन्होंने कहा, 'जो कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करता है, वह इस बात से अनभिज्ञ है कि इसका क्या मतलब है।'
विपक्षी
RJD ने क्या कहा?
राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मनोज झा ने उदयनिधि का बचाव किया है।
उन्होंने कहा, "कभी-कभी हमें प्रतीकों और मुहावरों के भीतर जाकर चीजों को समझना चाहिए।"
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "भारत का एक मिजाज है। सनातन में कई विकृतियां हैं, जाति व्यवस्था क्या अच्छी चीज है? सीवर में उतरने वाले की जाति क्यों नहीं बदलती? किसी ने कुछ कह दिया तो उसे लेकर इतना विवाद नहीं होना चाहिए।"
TMC
TMC ने किया विरोध
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सनातन धर्म के खिलाफ दिए गए उदयनिधि के बयान की निंदा की है।
TMC के प्रवक्ता कुणाल ने कहा, "हम ऐसे बयानों की निंदा करते हैं। सद्भावना हमारी संस्कृति है। हमें अन्य धर्मों का सम्मान करना होगा। INDIA गठबंधन का ऐसे विवादित बयानों से कोई संबंध नहीं है। चाहे कोई भी हो, अगर कोई ऐसा कुछ कहता है तो हमें ऐसे बयानों की निंदा करनी चाहिए।"
VHP
VHP ने सनातन धर्म के खिलाफ दिए बयान पर क्या कहा?
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी उदयनिधि के बयान पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा, "मैं उनके (उदयनिधि) वक्तव्य की भाषा और भाव दोनों से आश्चर्यचकित हूं। अहंकार से भरकर, सत्ता के दंभ में चूर होकर, वे जिस तरह की धमकियां उछाल रहे थे, उन्होंने इससे पहले अपनी ताकत पर विचार नहीं किया।"
उन्होंने कहा, "सनातन धर्म के सामने कई चुनौतियां आईं, लेकिन धर्म हमेशा जीत गया और सनातन को मिटाने वाले खुद मिट गए।"
बयान
विवाद के बाद उदयनिधि ने क्या कहा?
DMK नेता उदयनिधि ने अपने बयान पर सफाई देते हुए X पर लिखा, 'मैंने कभी भी सनातन धर्म का पालन करने वालों के नरसंहार की अपील नहीं की। सनातन धर्म एक ऐसा सिद्धांत है, जो जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटता है... मैं अपने कहे हर शब्द पर दृढ़ता से कायम हूं।'
दूसरी पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने अपने नेता का बचाव करते हुए भाजपा पर फर्जी खबरों को सोशल मीडिया पर प्रचारित-प्रसारित करने का आरोप लगाया।
FIR
उदयनिधि के खिलाफ दिल्ली में FIR दर्ज
विपक्षी गठबंधन INDIA में शामिल आम आदमी पार्टी (AAP) और समाजवादी पार्टी (SP) सहित अन्य पार्टियों ने अभी तक इस विवादित बयान को लेकर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।
रविवार को मामले में दिल्ली पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ एक वकील विनीत जिंदल की शिकायत पर एक FIR दर्ज की।
पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A, 153B, 295A, 298 और 505 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
उदयनिधि तमिलनाडु सरकार में मंत्री हैं। वह सत्ताधारी DMK के मुखिया एमके स्टालिन के बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के पोते हैं।
27 नवंबर, 1977 को चेन्नई के अलवरपेट में जन्मे उदयनिधि एक मशहूर तमिल अभिनेता और फिल्म निर्माता हैं। वह राजनीति में आने से पहले कई तमिल फिल्मों में काम कर चुके हैं।
साल 2021 में उदयनिधि ने चेपक-थिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी। उन्हें DMK का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है।