
मानहानि मामला: राहुल गांधी की अपील पर अगली सुनवाई 2 मई को, आज क्या-क्या हुआ?
क्या है खबर?
मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि मामले में आज राहुल गांधी की अपील पर गुजरात हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। राहुल की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें रखी और सजा पर रोक की मांग की।
बता दें कि मामले की सुनवाई जस्टिस हेमंत प्रच्छक कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि 2 मई को आखिरी सुनवाई के बाद केस को खत्म करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इसी दिन कोर्ट फैसला भी सुना सकता है।
तर्क
राहुल के वकील ने दिए ये तर्क
राहुल की ओर से पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मोढ, वणिक, राठौर, तेली कई लोग गुजरात में मोदी सरनेम लिखते हैं, राहुल के बयान को उन सबसे जोड़ देना सही नहीं है।
उन्होंने कहा, "याचिकाकर्ता कह रहा है कि देश के 13 करोड़ लोगों की मानहानि हुई है। यह कानून का मजाक है और इसकी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। पूर्णेश मोदी कैसे कह सकते हैं कि उनकी जाति का अपमान हुआ?"
सुनवाई
6 आधारों पर राहुल की सजा पर रोक की मांग
अभिषेक सिंघवी ने 6 बुनियादी आधार पर राहुल की सजा पर रोक की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल द्वारा किया गया कथित अपराध न तो गंभीर है न इसमें नैतिक अधमता शामिल है।
उन्होंने पूर्व में गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि पर रोक लगानए जाने वाले मामलों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "अगर शिकायतकर्ता के तर्क को स्वीकार किया जाए कि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई जा सकती तो CrPC की धारा 389 खत्म हो जाएगी।"
दलील
पूर्णेश मोदी के वकीलों ने मांगा समय
सुनवाई के दौरान पूर्णेश मोदी की ओर से पेश हुए वकीलों ने कुछ दस्तावेज जमा करने के लिए कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की। इस पर जस्टिस प्रच्छक ने कहा कि आखिरी सुनवाई करते हुए 2 मई को केस खत्म करेंगे।
उन्होंंने वकीलों को सोमवार शाम तक दस्तावेज जमा करने को कहा है।
मामले की सुनवाई अब 2 मई को लंच के बाद 2.30 बजे होगी। इस दिन कोर्ट में अंतिम दलीलें पेश की जा सकती हैं।
जज
जज ने सुनवाई से खुद को कर लिया था अलग
राहुल द्वारा हाई कोर्ट में अपील दायर करने के बाद मामले की सुनवाई जस्टिस गीता गोपी को करनी थी। हालांकि, 26 अप्रैल को उन्होंने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था।
तब राहुल के वकील पीएस चंपानेरी ने कहा था, "बुधवार को मामला सुनवाई के लिए जस्टिस गीता गोपी की अदालत में आया तो उन्होंने 'मेरे सामने नहीं' कहते हुए खुद को सुनवाई से अलग कर लिया।"
अब सुनवाई जस्टिस हेमंत प्रच्छक कर रहे हैं।
खारिज
सेशन कोर्ट ने खारिज की थी राहुल की याचिका
सूरत की सेशन कोर्ट ने 20 अप्रैल को मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग करने वाली राहुल की याचिका खारिज कर दी थी।
बता दें कि राहुल ने 3 अप्रैल को यह याचिका दायर कर उन्हें दोषी ठहराने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसे जज आरपी मोगेरा ने कोर्ट रूम में आते ही केवल 'डिसमिस' (खारिज) शब्द कहकर खारिज कर दिया था।
इसके बाद राहुल ने हाई कोर्ट का रुख किया।