
मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरा, ध्वनि मत से खारिज
क्या है खबर?
लोकसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष गठबंधन INDIA का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है।
मतदान से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया था, जिसके कारण मतदान नहीं हुआ। अगर मतदान होता तो भी इस प्रस्ताव का गिरना तय था।
प्रधानमंत्री मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के आखिरी दिन सदन में अपने भाषण के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और हिंसाग्रस्त मणिपुर पर भी अपनी बात रखी।
क्यों
विपक्ष क्यों लेकर आया था अविश्वास प्रस्ताव?
विपक्षी गठबंधन INDIA सत्र शुरू होने के बाद से लगातार मणिपुर हिंसा पर चर्चा के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग कर रहा था। दूसरी तरफ सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर मुद्दे पर नहीं बोलेंगे।
विपक्ष जानता था कि उसका अविश्वास प्रस्ताव सदन में नहीं टिकेगा, लेकिन उसका लक्ष्य मणिपुर पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को तोड़ना था।
विपक्ष का यह प्रयास कुछ हद तक सफल हुआ और प्रधानमंत्री मणिपुर पर बोले।
मणिपुर
प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर मुद्दे पर क्या कहा?
मणिपुर मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "राज्य में महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध हुए और ये अपराध अक्षम्य हैं। केंद्र और राज्य दोषियों को सजा दिलाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "वह देश को भरोसा दिलाते हैं कि जिस तरह प्रयास चल रहे हैं, जल्द मणिपुर में शांति का सूर्य उगेगा। हम सब मिलकर इस चुनौती का समाधान निकालेंगे और यहां फिर से शांति की स्थापना होगी।"
पूर्वोत्तर
प्रधानमंत्री ने कहा- पूर्वोत्तर राज्यों की समस्याओं की जननी है कांग्रेस
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मणिपुर उनके जिगर का टुकड़ा है। पूर्वोत्तर राज्यों की समस्याओं की एकमात्र जननी कांग्रेस है। अनगिनत बलिदान देने वाला मणिपुर कांग्रेस के शासन में अलगाव की आग की बलि चढ़ गया था। एक समय मणिपुर में उग्रवादियों के कहे से सब कुछ होता था और तब वहां कांग्रेस की सरकार थी।"
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास को पहली प्राथमिकता दी है। यहां के विकास पर लाखों करोड़ रुपये लगाए गए हैं।"
राहुल
राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया था भारत की हत्या करने का आरोप
बुधवार को राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा को लेकर सदन में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर को भारत का हिस्सा नहीं मानते हैं और उन्होंने मणिपुर को 2 हिस्सों में बांट दिया है।
उन्होंने कहा था, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार भी मणिपुर नहीं गए हैं। भाजपा ने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है। आप देशद्रोही हो, आप देशभक्त नहीं हो, आप देशप्रेमी नहीं हो। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति ने मणिपुर में भारत माता की हत्या की है।"
अधीर
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन लोकसभा से निलंबित
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। अधीर रंजन के निलंबन को लेकर संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे संसद में ध्वनि मत से स्वीकार कर लिया गया।
संसदीय कार्यमंत्री जोशी ने अधीर रंजन पर सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार व्यवधान पैदा करने और सदन को अपमानित करने का आरोप लगाया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अधीर रंजन का व्यवहार सदन में असंसदीय और अमर्यादित था।
न्यूज
न्यूजबाइट्स प्लस
यह पहला मौका नहीं था जब मोदी सरकार को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा है।
जुलाई, 2018 में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) भी अन्य पार्टियों के समर्थन से भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई थी। इस दौरान राफेल सौदे से लेकर मॉब लिंचिंग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
प्रस्ताव के पक्ष में 126 सांसदों ने वोट दिया था और इसके खिलाफ 325 वोट पड़े थे, जिसके बाद यह प्रस्ताव गिर गया था।