
पंजाब: अमरिंदर सिंह ने पर्दे के पीछे कांग्रेस से बातचीत की खबरों का खंडन किया
क्या है खबर?
पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गत दिनों नई पार्टी का ऐलान करने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी में वापसी के लिए कांग्रेस के साथ पर्दे के पीछे वार्ता करने की खबरों का शनिवार को खंडन किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अंदरखाने बातचीत की खबरें गलत हैं और दोबारा एकजुट होने का समय अब खत्म हो गया है। वह अपनी नई पार्टी बनाने के फैसले पर अडिग और उसके जरिए ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
चर्चा
अमरिंदर सिंह को लेकर क्या आई थी खबर?
बता दें कि चंडीगढ़ स्थित एक समाचार पत्र द ट्रिब्यून ने हाल ही में प्रकाशित अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं को अंदरखाने पूर्व मुख्यमंत्री को पार्टी में रहने के लिए मनाने में लगाया गया है।
रिपोर्ट में कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वोटों के बंटवारे के डर से पार्टी नहीं चाहती कि अमरिंदर सिंह कांग्रेस के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारें।
खंडन
अमरिंदर सिंह ने किया रिपोर्ट का खंडन
NDTV के अनुसार, रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब अमरिंदर सिंह की ओर से उनके सहयोगी रवीन ठुकराल ने इसका खंडन किया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'कांग्रेस के साथ अंदरखाने बातचीत की खबरें गलत हैं। दोबारा एकजुट होने का समय अब खत्म हो गया है। मैं सोनिया गांधी जी का उनके समर्थन के लिए आभारी हूं, लेकिन अब दोबारा कांग्रेस में नहीं रहूंगा।'
इस दौरान उन्होंने एक फिर स्पष्ट किया है कि वह अपनी पार्टी बनाकर पंजाब चुनाव लड़ेंगे।
बयान
"पंजाब और किसानों के हित में काम करना है उद्देश्य"
ठुकराल ने ट्वीट किया, 'मैं जल्द अपनी नई पार्टी बनाऊंगा। किसानों का मुद्दा सुलझने के बाद पंजाब चुनाव के लिए भाजपा और अन्य दलों के साथ सीटों के बंटवारे पर बातचीत की जाएगी। पंजाब और किसानों के हित में काम करना ही मेरा उद्देश्य है।'
जानकारी
अमरिंदर सिंह ने सितंबर में छोड़ा था मुख्यमंत्री पद
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में खींचतान के बीच कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने 18 सितंबर को अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था। उनका पिछले काफी समय से नवजोत सिंह सिद्धू से झगड़ा चल रहा था।
इस्तीफा देते हुए अमरिंदर ने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि वे अपने लिए नए राजनीतिक विकल्प तलाशेंगे।
घोषणा
अमरिंदर सिंह ने 20 अक्टूबर को किया था नई पार्टी बनाने का ऐलान
अमरिंदर सिंह ने 29 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकत की थी। इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था।
इसके बाद 20 अक्टूबर को उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था। 27 अक्टूबर को उन्होंने चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने पर नई पार्टी के नाम का ऐलान करने की बात कही थी।
उन्होंने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर भी निशाना साधा था।