अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब भारत पर कितना टैरिफ लगेगा?
क्या है खबर?
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने ये स्पष्ट नहीं किया कि जो टैरिफ वसूला जा चुका है, उसे लौटाना होगा या नहीं। दूसरी ओर, फैसले के फौरन बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। भारत पर कितना टैरिफ लगेगा, इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। आइए मामला समझते हैं।
भारत
भारत पर कितना टैरिफ लगेगा?
व्हाइट हाउस ने कहा है कि भारत समेत अमेरिका के सभी व्यापारिक साझेदार, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ट्रंप प्रशासन के साथ समझौता किया था, उन पर अब 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। भले ही ये देश पहले ज्यादा टैरिफ देने पर सहमत हुए हों। समाचार एजेंसी ANI ने व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से कहा है कि जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता, तब तक 10 प्रतिशत टैरिफ ही लागू रहेगा।
टैरिफ
ट्रंप का 10 प्रतिशत टैरिफ क्या भारत पर भी लागू होगा?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू भी हो गया है। व्हाइट हाउस की फैक्टशीट के मुताबिक, नए टैरिफ 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए लागू होंगे। ये टैरिफ भारत पर किस तरह से लागू होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। ट्रंप ने कहा था कि 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत ये टैरिफ मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा।
असमंजस
टैरिफ को लेकर क्यों है असमंजस की स्थिति?
ट्रंप ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। बाद में रूस से तेल खरीद के चलते और 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। इस तरह कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया। वहीं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा तय होने के बाद ये टैरिफ 18 प्रतिशत हो गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द कर दिए। फिर ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया।
बयान
ट्रंप बोले- भारत टैरिफ देगा, हम नहीं
ट्रंप ने कहा, "कुछ भी नहीं बदला है। भारत टैरिफ का भुगतान करेगा। हम टैरिफ का भुगतान नहीं करेंगे। जैसा कि आप जानते हैं, यह पहले जैसा था, उससे उलट है। हमने भारत के साथ एक समझौता किया और अब यह एक निष्पक्ष समझौता है। हम उन्हें टैरिफ भुगतान नहीं कर रहे हैं। अब भारत भुगतान कर रहा है।" ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि वह बहुत अच्छे हैं लेकिन हमसे ज्यादा टैरिफ वसूल रहे थे।
पहले की स्थिति
ट्रंप से पहले भारत कितना टैरिफ देता था?
ट्रंप के टैरिफ से पहले अमेरिका ने भारत को 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' का दर्जा दे रखा था। तब भारतीय आयात पर औसत शुल्क करीब 3 प्रतिशत था। ज्यादातर भारतीय निर्यात पर लगभग 3 प्रतिशत की बेसलाइन मोस्ट फेवर्ड नेशन ड्यूटी लगती है। मोबाइल फोन, फार्मास्यूटिकल्स पर फिलहाल कोई टैरिफ नहीं लगता है। स्टील और ऑटोमोबाइल पर धारा 232 जैसे अलग राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों के तहत क्षेत्र के हिसाब से टैरिफ लगता है।