
पश्चिम बंगाल: चुनाव प्रचार में विवादित बयान पर फंसे मिथुन चक्रवर्ती, कोलकाता पुलिस ने की पूछताछ
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को खत्म होने के बाद प्रचार के दौरान दिए गए बयानों पर कार्रवाई होना शुरू हो गया है। इसकी गाज गिरी है बॉलीवुड अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती पर।
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होने के दौरान मिथुन द्वारा बोले गए फिल्मी डॉयलॉग को लेकर कोलकाता पुलिस ने बुधवार को उनके 70वें जन्मदिन पर पूछताछ की है।
मिथुन पर डॉयलॉग के जरिए चुनाव के बाद हिंसा भड़काने का आरोप है।
प्रकरण
मिथुन ने भाजपा में शामिल होने के दौरान बोले थे डॉयलॉग
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले 7 मार्च को मिथुन ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड पर भाजपा का दामन थामा था।
उस दौरान उन्होंने हुंकार भरते हुए अपने कई डॉयलॉग बोले थे। उन्होंने कहा था, "मैं कोबरा हूं, कोई हक छीनेगा तो मैं खड़ा हो जाऊंगा"।
इसी तरह उन्होंने कहा था, "मरूंगा यहां लाश गिरेगी शमशान में" और "मैं पानी का सांप नहीं हूं, मैं कोबरा हूं। दंश मारने से काम तमाम हो जाएगा" भी बोला था।
शिकायत
मिथुन के डॉयलॉग को लेकर मानिकतला थाने में दर्ज कराई गई थी शिकायत
मिथुन के द्वारा बोले गए इन डॉयलॉगों को लेकर कोलकाता के मानिकतला थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसमें आरोप लगाया गया था कि मिथुन की इस हेट स्पीच के कारण बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद व्यापक हिंसा हुई है।
इस शिकायत के आधार पर मानिकतला थाना पुलिस ने मिथुन के खिलाफ धारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A, 504, 505 और 120B के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जानकारी
विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद हुई थी व्यापक हिंसा
पश्चिम बंगाल में 2 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद व्यापक रूप से हिंसा हुई थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले महीने हिंसा में 14 लोगों की मौत होने की बात कही थी। केंद्रीय टीम ने भी बंगाल पहुंचकर हिंसा की जांच की थी।
याचिका
मामला रद्द कराने के लिए मिथुन किया था कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख
मामला दर्ज कराने के बाद मिथुन ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उसे रद्द कराने की मांग की थी।
उन्होंने याचिका में कहा था कि उन्होंने रैली में 2014 में आई एक उनकी फिल्म में मशहूर डायलॉग बोले थे, जो सिर्फ लोगों के मनोरंजन के लिए बोले गए थे। इन डॉयलॉग के पीछे उनका किसी भी तरह से हिंसा भड़काने का मकसद नहीं था और पूरी तरह से निर्दोष हैं। ऐसे में मामले को रद्द किया जाना चाहिए।
सुनवाई
हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर पुलिस को दिए थे पूछताछ के आदेश
मिथुन की याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट में गत शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। इसमें कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कोलकाता पुलिस को पूछताछ करने के आदेश दिए थे।
इसके अलावा मिथुन को भी पूछताछ के लिए उपलब्ध होने के लिए राज्य को अपना ई-मेल पता देने को कहा था।
हाई कोर्ट ने पुलिस को मिथुन से ऑनलाइन पूछताछ करने को कहा था। इसके अलावा कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 जून के लिए निर्धारित की थी।
पूछताछ
पुलिस ने सुबह 10 बजे से शुरू की मिथुन से पूछताछ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद मानिकतला पुलिस ने मिथुन को पूछताछ के लिए बुधवार सुबह 10 बजे उपलब्ध होने के लिए कहा था। पुलिस के दिए गए समय पर मिथुन पूछताछ के लिए उपस्थित हो गए।
इसके बाद पुलिस ने चुनाव के बाद हिंसा के लिए उनके डॉयलॉग को जिम्मेदार ठहराया और उनसे डॉयलॉग बोलने के वास्तविक कारण बताने के लिए कहा। हालांकि, मिथुन ने इन्हें महज मनोरंजन के लिए बोले जाने की बात कही है।