देश के अगले उपराष्ट्रपति होंगे जगदीप धनखड़, विपक्ष की उम्मीदवार मारग्रेट अल्वा को दी मात
देश के 14वें उपराष्ट्रपति के लिए शनिवार को संसद भवन में मतदान हुआ और उसके बाद मतगणना की गई। इसमें भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने एकतरफा मुकाबले में विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार मारग्रेट अल्वा को 346 वोटों से हराकर जीत हासिल की। इसके साथ धनखड़ का उपराष्ट्रपति बनाना तय हो गया है। बता दें कि विभिन्न दलों के समर्थन के आधार पर धनकड़ की जीत पहले ही सुनिश्चित मानी जा रही थी।
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक हुआ मतदान
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद भवन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ। इसमें लोकसभा के 543 निर्वाचित और दो एंग्लो इंडियन तथा राज्यसभा के 233 निर्वाचित और 12 मनोनीत सहित कुल 780 सदस्यों को मतदान के लिए अधिकृत किया गया था। मतदान समाप्त होने तक कुल 92.94 प्रतिशत यानी 725 सदस्यों ने मतदान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद भवन पहुंचकर वोट डाला। दिनभर मतदान का दौर चलता रहा।
धनखड़ को मिले 528 वोट
चुनाव आयोग के अनुसार, धनखड़ को चुनाव में 528 (68 प्रतिशत) वोट मिले, लेकिन इनमें से 15 अमान्य घोषित किए गए। हालांकि, उन्हें जीत के लिए मात्र 372 वोटों की आवश्यकता थी। पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव में भी विजेता उम्मीदवार को 68 प्रतिशत वोट मिले थे। धनखड़ के समर्थन में NDA के 441 सांसद और पांच मनोनीत सांसदों ने मतदान किया। इसके अलावा उन्हें BJD, YSR कांग्रेस, बसपा, TDP, अकाली दल, अन्नाद्रमुक और शिवसेना आदि का भी समर्थन मिला।
अल्वा को 182 वोटों से ही करना पड़ा संतोष
विपक्षी उम्मीदवार मारग्रेट अल्वा को 182 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। उन्हें कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों का समर्थन मिला था। इनके अलावा झारखंड मुक्ति मोर्चा, तेलंगाना राष्ट्र समिति और उद्धव ठाकरे गुट के नौ शिवसेना सांसदों ने भी समर्थन दिया। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मतदान प्रक्रिया से दूर रहने के कारण उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
भाजपा के दो सांसदों ने नहीं किया मतदान
चुनाव में भाजपा सांसद सन्नी देओल और संजय धोत्रे ने खराब स्वास्थ्य के चलते मतदान नहीं किया। इसी तरह TMC सुप्रीमो ममता बर्नजी के मतदान प्रक्रिया से दूर रहने की घोषणा के बाद उसके लोकसभा में 23 सहित कुल 36 सांसदों में से 34 ने मतदान नहीं किया, जबकि शिशिर अधिकारी और दिव्येंदु ने मतदान किया। इसके अलावा शिवसेना और सपा के दो-दो और बसपा के एक सांसद सहित अन्य दलों के कुल 19 सांसदों ने भी मतदान नहीं किया।
मनमोहन सिंह ने व्हीलचेयर पर पहुंचकर किया मतदान
उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में मतदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जज्बा देखने देखने लायक रहा। स्वास्थ्य खराब होने के बाद भी वह मतदान के लिए व्हीलचेयर पर ही संसद भवन पहुंच गए। इस दौरान उनसे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। ऐसे में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (CPM) सांसद जॉन ब्रिटास सहित अन्य ने उन्हें सहयोग देकर खड़ा किया और इसके बाद उन्होंने अपना मतदान किया। उनके इस जज्बे की सभी राजनेताओं ने प्रशंसा की।
निर्वाचक मंडल के सदस्यों ने कैसे किया मतदान?
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान खास तरीके से किया गया। इसे सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम कहते हैं। मतदाताओं ने अपनी पसंद के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए मतदान किया। उन्होंने बैलट पेपर पर मौजूद उम्मीदवारों में अपनी पहली पसंद को 1, दूसरी पसंद को 2 और इसी तरह से आगे की प्राथमिकता दी। बता दें दोनों सदनों के सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के जरिए उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। यह मतदान गोपनीय होता है।
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