
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर, LG ने दिल्ली सरकार को सौंपी सेवाओं से संबंधित फाइलें
क्या है खबर?
दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) के सचिवालय ने सेवाओं से संबंधित फाइलें दिल्ली सरकार को वापस लौटा दी हैं।
राज निवास के एक अधिकारी ने बताया कि LG सचिवालय ने सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के आदेश का पालन करते हुए संबंधित फाइलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेजा है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को अफसरों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े अधिकार दिल्ली सरकार को दिए थे।
फाइल
LG सचिवालय ने किन विभागों की फाइलों को लौटाया है?
LG विनय कुमार सक्सेना के सचिवालय द्वारा दिल्ली सरकार को वापस भेजी गईं फाइलों में दिल्ली सरकार के विभिन्न अस्पतालों में कर्मचारियों के अनुबंध के कार्यकाल के विस्तार और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के समूह 'ए' के कर्मचारियों के इस्तीफों की स्वीकृति की फाइलें शामिल हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि इन फाइलों को वापस करते समय संबंधित विभागों को इन पर उचित कार्रवाई करने या आगे की आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी गई है।
क्षेत्र
सेवा मामलों से संबंधित हैं कर्मचारियों के अनुबंध और इस्तीफे
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया था कि जमीन, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित मामलों को छोड़कर सेवाओं के सभी मामलों को लेकर दिल्ली सरकार के पास विधायी और कार्यकारी शक्तियां हैं।
जमीन, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित सभी मामले अभी भी दिल्ली के LG के अधिकार क्षेत्र में आ रहे हैं।
अस्पतालों के कर्मचारियों के अनुबंध और इस्तीफे सेवाओं के तहत आते हैं, इसलिए इनकी फाइलें वापस भेजी गई हैं।
फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया था?
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने 11 मई को अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े अधिकार दिल्ली सरकार को दे दिए थे।
कोर्ट ने कहा था कि सेवाओं पर केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार का अधिकार है और अगर राज्य सरकार का अपने अधीन अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं होगा तो वो ठीक से काम नहीं करेंगे और सरकार की बात नहीं मानेंगे।
कोर्ट ने कहा कि LG को दिल्ली सरकार की सलाह पर काम करना होगा।
रिपोर्ट
दिल्ली सरकार ने तैयार की है कई नौकरशाहों की ट्रांसफर सूची
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली सरकार ने वित्त विभाग के प्रधान सचिव एसी वर्मा सहित कई वरिष्ठ नौकरशाहों की सूची भी तैयार कर रखी है, जिनका ट्रांसफर किया जाना है।
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवाओं पर नियंत्रण देने के बाद एक अधिकारी का ट्रांसफर कर भी दिया था।
हालांकि, उसने आरोप लगाया है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद केंद्र सरकार उसके निर्णयों में हस्तेक्षप कर रही है।