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ब्रिस्क वॉकिंग करने से हृदय की लय संबंधी समस्याओं के जोखिम हो सकते हैं कम- अध्ययन
ब्रिस्क वॉक से हृदय की समस्याओं के जोखिम हो सकते हैं कम

ब्रिस्क वॉकिंग करने से हृदय की लय संबंधी समस्याओं के जोखिम हो सकते हैं कम- अध्ययन

लेखन अंजली
Apr 16, 2025
01:27 pm

क्या है खबर?

कई कार्डियोलॉजिस्ट रोजाना कुछ मिनट ब्रिस्क वॉक यानी तेज गति में चलने की सलाह देते हैं क्योंकि ये एक्सरसाइज हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती है और हाल ही में हुआ एक अध्ययन भी इस बात पर मोहर लगा रहा है। अध्ययन के मुताबिक, ब्रिस्क वॉक करने से हृदय की लय संबंधी कई तरह की समस्याओं के जोखिम कम हो सकते हैं। आइए इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विश्लेषण

4,20,925 प्रतिभागियों के डेटा का किया गया विश्लेषण

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) बायोबैंक क 4,20,925 प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की चलने की गति के बारे में जानकारी थी। उन प्रतिभागियों में से 81,956 ने अलग-अलग गति से चलने में बिताए गए समय के बारे में विस्तार से बताया। अध्ययन के लिए प्रतिभागियों की गति को 3 हिस्सों में बांटा गया और उसी अनुसार निष्कर्ष सामने आए।

गति

3 भागों में बांटी गई प्रतिभागियों की चलने की गति

अध्ययन के अनुसार, धीमी गति को 3 मील प्रति घंटे से कम, औसत गति को 3-4 मील प्रति घंटे और तेज गति को 4 मील प्रति घंटे से अधिक के रूप में परिभाषित किया गया था। प्रतिभागियों में से लगभग 6.5 प्रतिशत की चलने की गति धीमी थी, जबकि 53 प्रतिशत की चलने की गति औसत थी और तेज गति से चलने वाले 41 प्रतिशत थे। इन प्रतिभागियों पर लगभग 13 सालों तक नजर रखी गई।

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अध्ययन

जनसांख्यिकी और जीवनशैली कारकों पर दिया गया ध्यान

जनसांख्यिकी और जीवनशैली कारकों को ध्यान में रखते हुए पता चला कि औसत और तेज चलने वाले प्रतिभागियों में हृदय लय संबंधी समस्याों के जोखिम कम हुए, जबकि धीमी गति का प्रभाव ज्यादा नहीं दिखा। अध्ययन में शामिल जनसांख्यिकी और जीवनशैली कारकों में शामिल है कि तेज चलने से चलने वालों में पुरुषों की संख्या ज्यादा थी, जो स्वस्थ जीवनशैली जीते थे।

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बयान

हृदय लय की समस्याएं बन सकती हैं खतरा

हृदय लय की समस्याओं का इलाज न किए जाने पर स्ट्रोक, हृदय की विफलता और कार्डियक अरेस्ट के जोखिम बढ़ सकते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि यह अध्ययन कुछ ही डेटा पर आधारित है, जिसका मतलब है कि इस बात पर कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका कि क्या तेज गति से चलना हृदय की लय संबंधी समस्याओं के जोखिम कम करने में सटीक एक्सरसाइज है या नहीं।

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