हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे आधे से ज्यादा लोगों को नहीं है इसका पता- अध्ययन
क्या है खबर?
दुनियाभर में 30-79 वर्ष की उम्र के लगभग 140 करोड़ वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं। इस स्वास्थ्य संबंधी समस्या में साफ तौर पर दिखने वाले कोई लक्षण सामने नहीं आते। इसी बीच एक अध्ययन किया गया है, जिससे सामने आया है कि हाई ब्लड प्रेशर के आधे से ज्यादा मरीजों को यह पता ही नहीं है कि उन्हें यह बीमारी है। साथ ही ज्यादातर लोग इस स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं।
अध्ययन
इंग्लैंड में किया गया यह अध्ययन
इस अध्ययन को 'बीएमजे पब्लिक हेल्थ' नाम की पत्रिका में प्रकाशित किया गया था। इसमें यह देखा गया कि इंग्लैंड में वयस्कों के बीच हाई ब्लड प्रेशर कितना आम है, कितनी बार ऐसा होता है कि इसका पता ही नहीं चलता और कितने मामलों में यह अनियंत्रित रह जाता है।
अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 'आवर फ्यूचर हेल्थ' नाम के अध्ययन के डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें यूनाइटेड किंगडम (UK) के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी इखट्टा की जाती है।
जांच
इस तरह की गई जांच
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के 14 लाख से ज्यादा ऐसे वयस्कों पर ध्यान केंद्रित किया, जिनका ब्लड प्रेशर मापा गया था।
प्रतिभागियों का ब्लड प्रेशर एक स्वचालित उपकरण से मापा गया था। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिया कि ब्लड प्रेशर से पीड़ित प्रतिभागी इसका इलाज ले रहे थे या नहीं और क्या उनका ब्लड प्रेशर नियंत्रित हुआ था या नहीं।
नतीजे
क्या रहे अध्ययन के नतीजे?
इस अध्ययन के नतीजे काफी हैरान करने वाले थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि लगभग 37.2 प्रतिशत प्रतिभागियों को हाई ब्लड प्रेशर था और इनमें से 58.8 प्रतिशत को यह जानकारी ही नहीं थी कि उन्हें यह बीमारी है।
महिलाओं (21.2 प्रतिशत)की तुलना में पुरुष (33.2 प्रतिशत) इस बीमारी से ग्रस्त होने के बारे में कम अवगत थे। सामने आया कि मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और हृदय रोग का व्यक्तिगत या पारिवारिक इतिहास हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ाता है।
निष्कर्ष
दवा लेने के बाद भी नियंत्रित नहीं हुआ ब्लड प्रेशर
इस बीमारी के लिए दवा ले रहे प्रतिभागियों में से 50.2 प्रतिशत का ब्लड प्रेशर जांच के समय भी ≥140/90 mm Hg था। इसका मतलब है कि अध्ययन के मानदंडों के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं था।
अध्ययन ने यह साफ कर दिया कि हाई ब्लड प्रेशर वाले आधे लोगों को अपनी स्थिति के बारे में पता ही नहीं होता और इलाज करा रहे लोगों में से भी लगभग आधे लोगों का ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं आ पाता।