#NewsBytesExplainer: क्या केवल डीजल के लिए भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, क्यों गए जामनगर?
क्या है खबर?
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे पर हैं। मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद आज वे गुजरात के जामनगर पहुंच गए हैं, जहां रिलायंस की बड़ी रिफाइनरी है। वे इस रिफाइनरी का दौरा करेंगे और रिलायंस समूह के अध्यक्ष मुकेश अंबानी से भी मुलाकात करेंगे। रूबियो के राजधानी दिल्ली न जाने पर सवाल भी उठ रहे हैं। आइए जानते हैं वे जामनगर क्यों गए हैं।
जामनगर
जामनगर क्यों गए रूबियो?
जामनगर में रिलायंस की तेल रिफाइनरी है, जो दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है। वहां रोजाना करीब 14 लाख बैरल तेल प्रोसेस किया जाता है।
रूबियो की जामनगर यात्रा का संकेत हैं कि अमेरिका भारत के रिफाइनिंग उद्योग और इसके सबसे बड़े भागीदार को वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदार मानता है।
इसके अलावा रिलायंस का अमेरिका में निवेश, डीजल की कीमतें और वेनेजुएला से तेल खरीद को भी वजह माना जा रहा है।
कीमतें
क्या अमेरिका के लिए सस्ता डीजल चाहते हैं रूबियो?
अमेरिका में डीजल की कीमतें करीब 155 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इसके चलते ट्रक ड्राइवर, किसान और कारोबारी परेशान हैं।
3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ये मुद्दा और भी संवेदनशील हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि ट्रंप की पार्टी ये चुनाव हार सकती है।
इससे निपटने के लिए अमेरिका ने सिर्फ रूस से डीजल खरीद रहा है, बल्कि रूबियो के जामनगर दौरे को भी इसी से जोड़ा जा रहा है।
निवेश
रिलायंस की प्रस्तावित अमेरिका रिफाइनरी को लेकर भी होगी बातचीत
रिलायंस टेक्सास के ब्राउंसविले में एक नई रिफाइनरी खोल रही है। ये बीते 50 साल में अमेरिका में बनने वाली पहली नई रिफाइनरी है।
मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे करीब 28 लाख करोड़ रुपये का सौदा बताया था। उन्होंने इस परियोजना में 'भारी निवेश' के लिए रिलायंस को धन्यवाद भी दिया था।
माना जा रहा है कि रूबियो इस परियोजना की प्रगति और अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों और रिलायंस के बीच सहयोग पर चर्चा कर सकते हैं।
वेनेजुएला
अमेरिका की चाहत- वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदे रिलायंस
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद वहां के तेल संसाधनों पर अमेरिका का कब्जा है।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि रिलायंस वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदे, जिससे अंतत: वाशिंगटन को फायदा होगा और भारत के कुल तेल आयात में अमेरिकी ऊर्जा निर्यात की हिस्सेदारी बढ़ेगी।
इसके लिए रिलायंस अहम हैं, क्योंकि उसकी रिफाइनरियां वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं।
अहमियत
कितना अहम है दौरा?
रूबियो का दौरा ऐसे संवेदनशील समय में हो रहा है, जब भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, टैरिफ और रूस से भारत द्वारा तेल खरीदने के मुद्दे पर अभी भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
इसके अलावा हाल ही में एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि 'कुछ ताकतवर उद्योगपति' जानबूझकर स्टारलिंक के लाइसेंस की मंजूरी रोक रहे हैं। उनका इशारा मुकेश अंबानी की ओर था।
बातचीत
किन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत?
जानकारों के अनुसार, जामनगर में होने वाली बातचीत में कई अहम मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
इनमें अमेरिका के टेक्सास में एक नई रिफाइनरी परियोजना में रिलायंस का निवेश, मध्यावधि चुनावों से पहले वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के ट्रंप प्रशासन के प्रयास, रूस से तेल आयात का व्यापक मुद्दा, रिलायंस द्वारा वेनेजुएला से तेल का आयात और अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों की बिक्री बढ़ाने की संभावनाएं शामिल हैं।