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गणतंत्र दिवस परेड में कौन-कौनसी टुकड़ी लेगी हिस्सा और क्या होगा खास?
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में कई चीजें पहली बार नजर आएंगी (फाइल तस्वीर)

गणतंत्र दिवस परेड में कौन-कौनसी टुकड़ी लेगी हिस्सा और क्या होगा खास?

लेखन आबिद खान
Jan 24, 2026
12:44 pm

क्या है खबर?

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड में भारत अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस परेड में सैन्य क्षमता के साथ सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक उपलब्धियों का संगम देखने को मिलेगा। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। आइए परेड के बारे में जानते हैं।

खासियत

परेड में क्या होगा खास?

इस बार गणतंत्र दिवस के लिए वायु सेना को सभी औपचारिक कार्यक्रमों का संचालन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परेड में भारतीय सेना पहली बार चरणबद्ध युद्ध संरचना का प्रदर्शन करेगी। जिस तरह युद्ध में सैनिक संरचना होती है, ठीक वैसे संरचना कर्तव्य पथ पर दिखाई देगी। भैरव कमांडो बटालियन और कई रेजिमेंटल टुकड़ियां पहली बार प्रस्तुति देंगी। भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना दोनों 144 सदस्यीय परेड टुकड़ियां उतारेंगी। यूरोपीय संघ की एक अलग टुकड़ी भी शामिल होगी।

सेना

घुड़सवार दल और मूक योद्धाओं का दस्ता होगा शामिल

सेना 7 पैदल टुकड़ियों, 61वीं घुड़सवार सेना की टुकड़ी और पहली बार चरणबद्ध युद्ध व्यवस्था को मैदान में उतारेगी। 61 घुड़सवारों का दस्ता दुनिया की आखिरी कुछ सक्रिय घुड़सवार रेजिमेंट में से एक है। 1954 में ग्वालियर लांसर्स, जोधपुर/कछवा हॉर्स और मैसूर लांसर्स का विलय कर 61वीं घुड़सवार सेना का गठन किया गया था। परेड में पहली बार 2 बैक्ट्रियन ऊंट, 4 जांस्कर पोनी, 4 शिकारी पक्षी और स्वदेशी नस्ल के कुत्तों सहित 26 पशु हिस्सा लेंगे।

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टुकड़ियां

सेना की कौन-कौनसी टुकड़ियां होंगी शामिल?

मिश्रित स्काउट्स दल में अरुणाचल स्काउट्स, लद्दाख स्काउट्स, सिक्किम स्काउट्स, गढ़वाल स्काउट्स, कुमाऊं स्काउट्स और डोगरा स्काउट्स के सैनिक शामिल होंगे। इसके अलावा राजपूत रेजिमेंट दल, असम रेजिमेंट दल, जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री दल और तोपखाना दल रेजिमेंट भी शामिल होंगे। राजपूत रेजिमेंट का गठन 1778 में ब्रिटिश भारतीय सेना के अंतर्गत हुआ था। ये सबसे पुरानी पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक है। पूर्वी सीमा की रक्षा के लिए 1941 में असम रेजिमेंट का गठन किया गया था।

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नौसेना

कैसा होगा नौसेना का दल?

नौसेना के 144 नौसैनिकों के दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करण नाग्याल करेंगे। यह दल नौसेना की बढ़ती मानव संसाधन क्षमता और राष्ट्रीय पहलों के साथ उसके संयुक्त प्रयासों को प्रदर्शित करेगा। नौसेना की झांकी में 5वीं शताब्दी ईस्वी के सिलाई किए गए जहाजों से लेकर मराठा नौसेना के गुरब पोत, INS विक्रांत, कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां और GSAT-7R उपग्रह जैसे आधुनिक स्वदेशी प्लेटफार्मों तक समुद्री इतिहास का चित्रण किया जाएगा। सी कैडेट कोर के कैडेट भी झांकी में होंगे।

वायुसेना

वायु सेना की झांकी में दिखेगी 'ऑपरेशन सिंदूर' की झलक

वायु सेना दल का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जगदीश कुमार करेंगे। बैंड में पहली बार 9 महिला अधिकारी शामिल होंगी, जो 'साउंड बैरियर' धुन प्रस्तुत करेगा। वायु सेना की झांकी 'संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक' थीम पर होगी, जिसमें ऐतिहासिक युद्ध मशीनों और राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की बदलती भूमिका को दर्शाया जाएगा। फ्लाईपास्ट में 8 संरचनाओं में 29 विमान शामिल होंगे। इनमें राफेल, Su-30 MKI, MiG-29, जगुआर, C-130 और C-295, ALH Mk IV, अपाचे और LCH हेलीकॉप्टर शामिल होंगे।

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