गणतंत्र दिवस परेड: पहली बार वास्तविक युद्ध क्रम का प्रदर्शन, भैरव बटालियन समेत ये होगा खास
क्या है खबर?
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। परेड में पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट और सेना की नई भैरव बटालियन भी मार्च पास्ट करेगी। निगरानी प्लेटफार्मों में सबसे पहले ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलों के साथ टोही वाहनों, अपाचे और प्रचंड जैसे हेलीकॉप्टरों के हवाई प्रदर्शन की संभावना है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित होंगी।
युद्ध
पहली बार वास्तविक युद्ध के क्रम में दिखाई देंगी सैन्य संपत्तियां
परेड में पहली बार सैन्य टुकड़ियां उसी क्रम में कर्तव्य पथ पर नजर आएंगी, जिस क्रम में वे वास्तविक युद्ध में आगे बढ़ती हैं। इसमें सैनिक और हथियार किसी युद्धभूमि की तरह चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे, जो दर्शकों को सेना की वास्तविक युद्ध शैली से रूबरू कराएगा। इसकी शुरुआत टोही दल से होगी। इसके बाद अन्य सैन्य इकाइयां जैसे रसद और कार्मिक इन प्लेटफार्म होंगे, जो युद्ध गियर से लैस होंगे।
मूक योद्धा
26 मूक योद्धाओं का दस्ता भी पहली बार शामिल होगा
परेड में पहली बार मूक योद्धाओं का दस्ता भी शामिल होगा। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने वाले 2 बैक्ट्रियन ऊंट, 4 जांस्कर पोनी, 4 शिकारी पक्षी (रैप्टर्स) और स्वदेशी नस्ल के कुत्तों सहित कुल 26 पशु हिस्सा लेंगे। सेना ने कहा कि 61वीं केवलरी की घुड़सवार टुकड़ी भी नजर आएगी। परेड में ड्रोन की निगरानी और निष्क्रियता के लिए प्रशिक्षित किए गए 4 शिकारी पक्षियों का दल भी शामिल होगा।
हथियार
ये हथियार और विमान आएंगे नजर
परेड में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) सिस्टम, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप और ड्रोन का प्रदर्शन होगा। फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई Su-30, अपाचे और ध्रुव हेलिकॉप्टर जैसे विमान शामिल होंगे। तेजस परेड में नहीं दिखाई देगा। इसके अलावा ऑल टरेन व्हीकल, लाइट स्ट्राइक व्हीकल, रोबोटिक म्यूल्स, UGV, ग्लेशियर ATV, T-90 टैंक, अर्जुन टैंक और नाग मिसाइल प्रणाली समेत कई हवाई और जमीनी हथियार और प्रणालियां नजर आएंगी।
खास बातें
परेड की खास बातें
पारंपरिक प्रथा से हटकर बैठने की जगह का नाम नदियों के नाम पर रखा गया है। परेड में कुल 30 झांकियां दिखेंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की होंगी। 29 जनवरी को होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के लिए भी एनक्लोजर का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों के नाम पर रखा जाएगा। झांकियों के साथ 2,500 से ज्यादा कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। पहली बार भारतीय स्वदेशी नस्लों के 10 कुत्ते भी मार्च करेंगे।