प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ शौर्य यात्रा में शामिल हुए, कहा- न सोमनाथ नष्ट हुआ, न भारत
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने रोड शो किया और डमरू बजाया। प्रधानमंत्री के आगे गुजरात पुलिस के 108 घोड़े भी यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। बता दें कि सोमनाथ मंदिर पर पहले आक्रमण के एक हजार साल पूरे होने पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया जा रहा है।
बयान
प्रधानमंत्री ने कहा- ये समय, वातावरण और उत्सव अद्भुत
प्रधानमंत्री ने कहा, "ये समय और वातावरण अद्भुत है। यह उत्सव अद्भुत है। एक ओर स्वयं देवादिदेव महादेव दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज, आस्था का ऊफान। इस दिव्य वातावरण में आपकी उपस्थिति इसे और दिव्य बना रही है। मैं इसे अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।"
संबोधन
प्रधानमंत्री बोले- सोमनाथ को नष्ट करने के अनेकों प्रयास हुए
प्रधानमंत्री ने कहा, "मेरे मन में बार-बार प्रश्न आ रहा है कि 1,000 साल पहले इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा। हमारे पुरखों ने जान की बाजी लगा दी थी अपनी आस्था, विश्वास के लिए। ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1,000 साल पूरे हो रहे हैं। इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के अनेकों प्रयास हुए, लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत।"
ट्विटर पोस्ट
देखें शौर्य यात्रा के दौरान के नजारे
Gujarat: Prime Minister Narendra Modi participates in the Shaurya Yatra at Shree Somnath Mahadev Mandir.
— IANS (@ians_india) January 11, 2026
Chief Minister Bhupendra Patel and Deputy Chief Minister Harsh Sanghavi are also present. pic.twitter.com/yg7gTuDhO8
मंदिर
प्रधानमंत्री ने कहा- हमें मिटाने वाले थक गए
प्रधानमंत्री ने कहा, "आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए। 1,000 साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया, लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा, लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया। गजनी से औरंगजेब तक इतिहास में दफन हो गए, सोमनाथ वहीं खड़ा है।"
पिछला दिन
कल प्रधानमंत्री ने की थी महाआरती
10 जनवरी को प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर पहुंचे थे। वहां उन्होंने सोमेश्वर महादेव की महाआरती की और ऊं जाप में शामिल हुए। इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ ड्रोन शो भी देखा, जिसमें 3 हजार ड्रोन से सोमनाथ गाथा प्रस्तुत की गई। आज प्रधानमंत्री राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (VGRC) का उद्घाटन करेंगे। कल यानी 12 जनवरी को वे अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे।