क्या देश में लॉकडाउन जैसे हालात हैं? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताई सच्चाई
क्या है खबर?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध स्थिति के बीच सरकार इस तरह के किसी भी कदम पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, 'भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में, यह महत्वपूर्ण है कि हम शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें।'
बयान
पुरी बोले- हम हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार
पुरी ने लिखा, 'वैश्विक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है और हम ऊर्जा, सप्लाई चेन और जरूरी वस्तुओं से जुड़े हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। भारत ने पहले भी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूती दिखाई है और आगे भी हम समय पर सक्रिय और समन्वित कदम उठाते रहेंगे। इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है।'
कीमतें
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रहीं
पुरी ने कहा, 'पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ये लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। नतीजतन, दुनिया भर में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कीमतों में लगभग 30-50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, उत्तरी अमेरिकी देशों में 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीकी देशों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।'
विकल्प
सरकार ने बढ़ती कीमतों का बोझ अपने ऊपर उठाया- पुरी
पुरी ने बताया कि सरकार के पास 2 विकल्प थे- या तो भारतीय नागरिकों के लिए कीमतें बढ़ा दी जाएं, जैसा कि बाकी देशों ने किया है; या फिर अपनी वित्तीय स्थिति पर इसका बोझ उठाया जाए, ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा, 'माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सरकार की प्रतिबद्धता निभाते हुए एक बार फिर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनी वित्तीय स्थिति पर बोझ उठाने का फैसला किया।
आभार
पुरी ने जताया प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार
पुरी ने बताया कि सरकार ने अपने कर राजस्व पर एक बड़ा बोझ उठाया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आसमान छूने के इस दौर में तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा, 'अब विदेश में तेल निर्यात करने वाली किसी भी रिफाइनरी को निर्यात कर चुकाना होगा। इस बेहद समयोचित, साहसी और दूरदर्शी फैसले के लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का आभार व्यक्त करता हूं!'
कटौती
सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई
ईरान युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले एक्साइज टैक्स में बड़ी कटौती की है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर 10-10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर यह पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इस कटौती से तेल कंपनियों पर लागत का दबाव कम होने की उम्मीद है।