ईरान युद्ध के बीच सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर घटाई एक्साइज ड्यूटी
क्या है खबर?
ईरान युद्ध के बीच आज केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले एक्साइज टैक्स में बड़ी कटौती की है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर 10-10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर यह पूरी तरह खत्म कर दी गई है। माना जा रहा है कि इससे आम लोगों को महंगाई से कुछ राहत मिल सकती है।
असर
वैश्विक तनाव और तेल सप्लाई पर असर
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट पर रुकावट के कारण तेल की सप्लाई पर असर पड़ रहा है, जिससे दुनिया में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका है। यह रास्ता दुनिया की करीब 2-2.5 करोड़ बैरल रोज की सप्लाई के लिए अहम है। भारत भी पहले अपने कुल तेल आयात का लगभग 12 से 15 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता रहा है।
असर
कंपनियों को राहत, बाजार पर असर
इस कटौती से तेल कंपनियों पर लागत का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर भी कुछ कम हो सकता है, जो इन दिनों वैश्विक तनाव के कारण लगातार बदल रही हैं। सरकार का यह कदम घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अहम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखना आसान हो सकता है।
नियम
एविएशन फ्यूल महंगा, निर्यात नियम सख्त
पेट्रोल और डीजल पर राहत दी गई है, लेकिन सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 50 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगा दी है, जिसकी प्रभावी दर करीब 29.5 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है। इसके अलावा, पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर मिलने वाली छूट को सीमित कर दिया गया है। हालांकि, पड़ोसी देशों को सप्लाई और पहले से मंजूर खेपों को इस बदलाव से बाहर रखा गया है।