
छत्तीसगढ़ नक्सली हमला: लापता कोबरा कमांडो की बेटी ने की पिता की रिहाई की भावुक अपील
क्या है खबर?
छत्तीसगढ़ हमले के बाद से नक्सलियों के कब्जे में बताए जा रहे कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मनहास के परिवार और जम्मू स्थित पैतृक गांव नेत्रकोटी में सन्नाटा पसरा हुआ है।
कमांडों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने सरकार से मनहास की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
अपील करने वाले परिजनों में मनहास की पांच वर्षीय बेटी भी है जिसकी भावुक अपील किसी का भी दिल पिघला सकती है।
भावुक अपील
बच्ची ने कहा- प्लीज मेरे पापा को छोड़ दो
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए मनहास की बेटी श्रगवी ने कहा, "प्लीज मेरे पापा को छोड़ दो।"
श्रगवी का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें अपने एक परिजन की गोद में बैठकर वह कह रही है, "मेरे पापा जल्दी घर वापस आए जाएं।" इतना कहने के बाद वह सुबकने लगती है।
बच्ची रह-रहकर अपने पिता के घर लौटने की बात करती है और फिर मां की गोदी में आकर बैठ जाती है।
ट्विटर पोस्ट
किसी को भी रुला सकती है श्रगवी की भावुक अपील
छत्तीसगढ़ नक्सली हमले में लापता जम्मू के जवान राकेश्वर सिंह की बेटी की भावुक अपील, मेरे पापा को छोड़ दो... pic.twitter.com/Uwqv8HLtqJ
— Rahul Sharma (@rahuljmu12) April 6, 2021
बयान
परिवार को खबरों से मिली हमले की सूचना
नक्सली हमले की खबर के बाद से राकेश्वर की मां कुंती देवी और पत्नी मीनू चिब भी गहरे सदमे में हैं। मीनू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें खबरों से हमले के बारे में पता चला और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सरकार ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी।
उन्होंने बताया कि उन्होंने जम्मू में CRPF के मुख्यालय भी फोन किया था, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।
अपील
10 साल देश के लिए लड़े मेरे पति, आज देश के पास मौका- मीनू
मीनू ने कहा कि उनके पति की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है। सरकार से अपील करते हुए उन्होंने कहा, "मेरे पति 10 साल से देश के लिए लड़ रहे हैं। आज मौका है जब देशवासी उनके लिए संघर्ष करें, उनके लिए प्रार्थना करें। भगवान करे वह जल्द सुरक्षित लौट आएं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्तमान की तरह मनहास की रिहाई भी सुनिश्चित करने की अपील की।
बयान
मीनू ने आखिरी बार शुक्रवार रात की थी मनहास से बात
मीनू ने PTI को बताया कि उनकी अपने पति से आखिरी बार शुक्रवार रात 9:30 बजे बात हुई थी। उन्होंने कहा, "वे उस समय ऑपरेशन पर जाने से पहले अपना टिफिन पैक कर रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं ऑपरेशन ड्यूटी पर जा रहा हूं और वापस लौट कर बात करूंगा।"
उन्होंने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के एक पत्रकार से फोन भी आया जिसने उनसे मनहास का फोटो और नक्सलियों के लिए एक अपील भेजने को कहा।
बयान
मनहास का तीन महीने पहले ही हुआ था छत्तीसगढ़ ट्रांसफर- मीनू
अपने आंसुओं को रोकते हुए मीनू ने आगे कहा, "राकेश्वर सिंह मनहास 2011 में CRPF में शामिल हुए थे और पिछले 10 साल से देश की सेवा कर रहे हैं। तीन महीने पहले ही उनका असम से छत्तीसगढ़ ट्रांसफर हुआ था।"
पृष्ठभूमि
शनिवार को हुए हमले में शहीद हुए थे 22 जवान
खूंखार नक्सल कमांडर माडवी हिडमा के बीजापुर-सुकमा जिलों के बॉर्डर पर स्थित तारेम के जंगलों में छिपे होने की खुफिया सूचना मिलने के बाद CRPF समेत विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 2,000 जवानों ने एक बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया था।
हालांकि मौके पर पहुंचने पर उन्हें कुछ नहीं मिला और घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर तीन तरफ से हमला कर दिया। हमले में कुल 22 जवान शहीद हुए और लगभग 31 जवान घायल हुए।
लापता जवान
हमले के बाद लापता हो गए थे राकेश्वर, नक्सलियों ने कहा- हमारे कब्जे में
कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मनहास घटना के बाद से ही लापता चल रहे थे और रविवार को नक्सलियों की दक्षिण बस्तर डिवीजन ने दावा किया था कि राकेश्वर उनके पास हैं और पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
नक्सलियों ने कहा था कि कमांडों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और समय आने पर उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने जल्द ही राकेश्वर की एक तस्वीर जारी करने की बात भी कही थी।