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हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे भारतीय जहाज, जयशंकर-अराघची के बीच चर्चा के बाद बनी सहमति- रिपोर्ट
ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज से निकलने की अनुमति दे दी है

हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे भारतीय जहाज, जयशंकर-अराघची के बीच चर्चा के बाद बनी सहमति- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Mar 12, 2026
11:17 am

क्या है खबर?

ईरान ने भारतीय तेल जहाजों को हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर हुई चर्चा के बाद ईरान ने ये अनुमति दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 2 जहाज हार्मुज से निकल भी गए हैं।

रिपोर्ट

2 जहाज होर्मुज से गुजरे

रिपोर्ट के मुताबिक, इस सहमति के बाद कम से कम 2 भारतीय तेल जहाज- पुष्पक और परिमल होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से निकल भी गए हैं। सऊदी अरब से तेल ला रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक तीसरा जहाज भी 2 दिन पहले होर्मुज से गुजरा और फिलहाल मुंबई आ गया है। इस जहाज के कप्तान भारतीय हैं। युद्ध के बीच यह हार्मुज से सुरक्षित तरीके से गुजरने वाला पहला जहाज बन गया है।

चर्चा

विदेश मंत्री ने ईरान, रूस और फ्रांस से की चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष से चर्चा की थी, जिसके बाद इस मुद्दे पर सहमति बनी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश मंत्री ने ईरान के अलावा रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो से भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। इस राजनयिक वार्ता का उद्देश्य भारतीय जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करना था, ताकि कच्चे तेल और LPG की आपूर्ति जारी रह सके।

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अन्य जहाज

सऊदी से निकला एक जहाज मुंबई पहुंचा

वहीं, लाइबेरिया के झंडे वाला शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स 1 मार्च को सऊदी के रास तनुरा से कच्चा तेल लेकर 2 दिन बाद रवाना हुआ था। 8 मार्च को ये हार्मुज जलडमरूमध्य पहुंचा और फिर हमलों से बचने के लिए ट्रांसपोंडर और ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को बंद कर दिया। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के प्रवीण सिंह ने कहा, "जहाज जवाहर द्वीप पर खड़ा है और इसने कच्चा माल उतारना शुरू कर दिया है।"

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कीमतें

जहाजों का आवागमन शुरू होना कितना राहत भरा कदम?

भारत अपनी जरूरत के कुल कच्चे तेल का 88 प्रतिशत आयात करता है और इसका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यहीं नहीं, कुल वैश्विक व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज से गुजरता है। युद्ध के चलते ईरान ने इसे बंद कर दिया है। यही वजह है कि दुनियाभर में तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। भारत में भी रसोई गैस की किल्लत सामने आने लगी है।

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