
विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने फ्रांस के साथ की चर्चा
क्या है खबर?
किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रवर्तक और शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। भारत ने फ्रांस से माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर चर्चा की है।
अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में हुई एक बैठक में भारत ने फ्रांसीसी अधिकारियों से माल्या के प्रत्यर्पण को बिना किसी शर्त के मंजूरी देने के लिए कहा था। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रत्यर्पण
बिना किसी शर्त प्रत्यर्पण चाहता है भारत
रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अप्रैल को भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह की 16वीं बैठक में माल्या के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया गया था। माना जाता है कि चर्चा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए फ्रांस से भारत के प्रस्ताव पर ताजा जानकारी मांगी।
एक सूत्र ने बताया कि फ्रांस ने कुछ पूर्व शर्तों के साथ प्रत्यर्पण प्रस्ताव पेश किया, लेकिन भारत ने उनसे बिना किसी शर्त के प्रस्ताव को मंजूरी देने को कहा।
बैठक
फ्रांस के साथ प्रत्यर्पण को लेकर चर्चा क्यों?
रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के एजेंडा में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण के मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (MLAT) अनुरोधों की स्थिति पर चर्चा थी। इसी दौरान माल्या के प्रत्यर्पण का मामला भी उठा।
दरअसल, माना जाता है कि माल्या अभी ब्रिटेन में है, लेकिन भारत उन देशों के साथ उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है, जहां उसकी संपत्ति है और जिनके साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि है। फ्रांस भी ऐसे देशों में से एक है।
शामिल
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव केडी देवल ने किया और फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आतंकवाद और संगठित अपराध के लिए विशेष दूत राजदूत ओलिवर कैरन ने किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) निदेशक प्रवीण सूद, इंटरपोल महासचिव पद के लिए ब्रिटेन के उम्मीदवार स्टीफन कवानाघ, ब्रिटेन की कार्यवाहक उच्चायुक्त क्रिस्टीना स्कॉट, ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी की प्रतिनिधि रॉबर्ट होल्नेस और गृह मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित थे।
आरोप
9,000 करोड़ के घोटाले का आरोपी है माल्या
माल्या ने 2005 में शुरू की गई किंगफिशर एयरलाइंस के लिए कई भारतीय बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया था।
हालांकि, 2008 में वैश्विक मंदी और ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एयरलाइन डूब गई और माल्या ये कर्ज नहीं लौटा पाया। 2016 में माल्या देश छोड़कर भाग गया। फिलहाल वो लंदन में रह रहा है।
भारत सरकार लगातार उसके प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगी हुई है।