
गुजरात चुनाव: मतदान से पहले ऐहतियाती तौर पर हिरासत में लिए गए 25,000 से अधिक लोग
क्या है खबर?
गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अकेले अहमदाबाद और सूरत में पुलिस ने 25,000 से अधिक लोगों को ऐहतियातन हिरासत में लिया है।
3 नवंबर को चुनावों की घोषणा के साथ ही पुलिस इस बार सक्रिय हो गई और उसने CrPC (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर) और PASA (प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट) के तहत इन लोगों को हिरासत में लिया और गिरफ्तारियां की हैं।
कार्रवाई
चुनाव आयोग के आदेश पर हुई कार्रवाई
राज्य पुलिस ने चुनाव आयोग के आदेश पर इन लोगों को हिरासत में लिया है। इसका मकसद मतदाताओं के मन में सुरक्षा की भावना पैदा करना और राज्य में स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराना है।
TOI की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के बड़े शहरों में से सूरत से सबसे ज्यादा 12,965 और अहमदाबाद से 12,315 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
वडोदरा पुलिस ने भी 1,600 से अधिक लोगों को ऐहतियातन हिरासत में लिया है।
जानकारी
सूरत में किन लोगों को हिरासत में लिया गया?
सूरत पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए अधिकतर लोगों के पास लाठी और चाकू थे। इनके अलावा ऐसे लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जो अवैध शराब की बिक्री करते हैं और पहले आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
सूरत में पुलिस ने हालिया दिनों में PASA के तहत 828 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और अवैध शराब की बिक्री में शामिल 93 लोगों को बाहर भेजा है।
अहमदाबाद
चुनाव नजदीक आते-आते बढ़ीं गिरफ्तारियां
अहमदाबाद की बात करें तो पुलिस ने 12,315 लोगों को ऐहतियातन गिरफ्तार किया है और 38 लोगों को PASA के तहत हिरासत में लिया गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि ये सभी लोग हत्या की कोशिश, किसी को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराधों और अन्य असामाजिक गतिविधियों में शामिल रहे थे।
3 नवंबर को पुलिस ने 156 लोगों को हिरासत में लिया और 14 नवंबर को यह संख्या बढ़कर 2,217 हो गई थी।
गुजरात विधानसभा चुनाव
कब है गुजरात में चुनाव?
बता दें कि अगले महीने गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को दो चरणों में मतदान होगा और 8 दिसंबर को नतीजे आएंगे।
गुजरात में आमतौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होता है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) की एंट्री ने मामले को त्रिकोणीय बना दिया है।
AAP पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ रही है और उसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।