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शराब नीति मामला: ED का अरविंद केजरीवाल को पांचवां समन, 2 फरवरी को पेशी पर बुलाया
शराब नीति मामले में ED का अरविंद केजरीवाल को 5वां समन

शराब नीति मामला: ED का अरविंद केजरीवाल को पांचवां समन, 2 फरवरी को पेशी पर बुलाया

लेखन महिमा
Jan 31, 2024
03:16 pm

क्या है खबर?

शराब नीति घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पांचवां समन जारी किया है। ED ने उन्हें 2 फरवरी को मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। बता दें कि ED 4 बार केजरीवाल को समन भेज चुकी हैं और उन्होंने इसे गैरकानूनी बताते हुए पेश होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने भाजपा पर एजेंसी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था।

समन 

18 जनवरी को चौथे समन पर पेश नहीं हुए थे केजरीवाल 

13 जनवरी को ED ने केजरीवाल को चौथा समन भेजा था और 18 जनवरी को पेश होने के लिए कहा था। तब केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर चले गए थे।

केजरीवाल की ओर से AAP ने ED को पत्र लिखकर कहा था कि केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए समन भेजा जा रहा है और भाजपा का मकसद उन्हें गिरफ्तार करवाना है।

समन

केजरीवाल को कब-कब ED ने जारी किये समन?

ED ने केजरीवाल को पहला समन 30 अक्टूबर, 2023 को जारी किया था और उन्हें 2 नवंबर, 2023 को पेश होने के लिए कहा था।

दूसरा समन ED ने 18 दिसंबर को भेजा था और केजरीवाल को 21 दिसंबर, 2023 को पेश होने के लिए कहा था।

तीसरा समन ED ने 22 दिसंबर, 2023 को भेजा था और केजरीवाल को 3 जनवरी को पेश होने के लिए कहा था।

हर बार उन्होंने पेश होने से मना कर दिया।

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कारण

केजरीवाल ने पेश न होने के पीछे क्या-क्या कारण बताए?

केजरीवाल और उनकी पार्टी ने ED द्वारा जारी समन को राजनीति से प्रेरित और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश करार दिया है।

पहले समन पर केजरीवाल विधानसभा चुनावों का हवाला देकर पेश नहीं हुए थे।

दूसरे समन में पेश होने से एक दिन पहले केजरीवाल 10 दिनों के लिए विपश्यना शिविर में चले गए।

तीसरे समन पर केजरीवाल ने ED को पत्र लिखा कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन नोटिस अवैध है।

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गिरफ्तार

क्या ED पेश न होने पर केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकती है?

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्‍ट (PMLA) के तहत ED को यह अधिकार है कि अगर कोई आरोपी पूछताछ के लिए उपस्थित न हो तो वह उसे गिरफ्तार कर सकती है।

हालांकि, इसके लिए ED के पास पुख्ता सबूत होने चाहिए। केजरीवाल को भी तभी गिरफ्तार किया जा सकेगा।

पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले पर कहा था कि किसी को केवल इस आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जा सकता कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा।

आरोप

केजरीवाल पर क्या हैं आरोप?

फरवरी, 2023 में ED ने कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में कहा था कि केजरीवाल ने मुख्य आरोपियों में से एक समीर महेंद्रू के साथ वीडियो कॉल पर बात की थी।

इसमें उन्होंने आरोपी विजय नायर को अपना बंदा बताया था और उस पर भरोसा करने को कहा था।

नायर पर घोटाले की साजिश रचने और इसका सूत्रधार होने का आरोप है। नायर ने भी केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की बात कही थी।

मामला

 शराब नीति से जुड़ा मामला क्या है?

दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को एक नई शराब नीति लागू की थी। इसमें सरकार को हटाकर शराब के ठेके निजी शराब कंपनियों को दिए गए थे।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस नीति में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए इसकी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच कराने की सिफारिश की।

विवाद के बाद 31 जुलाई, 2022 में सरकार ने इस नीति को वापस ले लिया था।

मामले में मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह पहले से ही जेल में हैं।

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