Loading...
मैनचेस्टर सिटी पर 11,440 करोड़ रुपये के वित्तीय उल्लंघन का आरोप, क्या EPL से बाहर होगी?
मैनचेस्टर सिटी बड़ी परेशानी में फंस गई है (फाइल तस्वीर)

मैनचेस्टर सिटी पर 11,440 करोड़ रुपये के वित्तीय उल्लंघन का आरोप, क्या EPL से बाहर होगी?

Sep 30, 2026
04:03 pm

क्या है खबर?

मैनचेस्टर सिटी फुटबॉल क्लब को उसके खिलाफ लगाए गए लगभग सभी आरोपों में दोषी पाया गया है। आयोग के निष्कर्षों के अनुसार, क्लब ने 2009-10 से 2017-18 सत्र के बीच करीब एक दशक तक वित्तीय नियमों का व्यवस्थित रूप से उल्लंघन किया। जांच में सामने आया है कि क्लब ने लंबे समय तक कथित तौर पर छिपी फंडिंग व्यवस्था का इस्तेमाल किया, जिससे उसकी आय बढ़ी और खर्च कम दिखाए गए। इसका मूल्य करीब 11,440 करोड़ रुपये आंका गया है।

साबित

स्वतंत्र आयोग ने क्या साबित किया?

प्रीमियर लीग ने नियमावली की धारा W के तहत सिटी पर 9 सत्रों में वित्तीय नियमों के 115 उल्लंघनों का आरोप लगाया था।

स्वतंत्र आयोग ने इनमें से 114 आरोपों को सही ठहराया। आयोग के निष्कर्ष के मुताबिक, सिटी ने वित्तीय निष्पक्षता से जुड़े नियमों का जानबूझकर उल्लंघन किया।

इन उल्लंघनों के जरिए क्लब ने अपनी वित्तीय स्थिति को इस तरह प्रस्तुत किया, जिससे उसे मैदान पर बढ़त हासिल करने में मदद मिली और वह शीर्ष टीमों में शामिल हुआ।

बयान

इंग्लिश प्रीमियर लीग ने क्या कहा?

इंग्लिश प्रीमियर लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड मास्टर्स ने कहा कि आरोप साबित होने के बाद अब सिटी पर लगने वाली सजा को लेकर अलग से सुनवाई होगी।

यह सुनवाई स्वतंत्र आयोग के साथ की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रीमियर लीग के नियमों के मुताबिक, सजा से जुड़ी यह सुनवाई निजी और गोपनीय रहेगी।

इसके परिणाम को सार्वजनिक करने की अनुमति मिलने तक इसकी जानकारी साझा नहीं की जाएगी। आयोग के फैसले के बाद ही सजा तय होगी।

ADVERTISEMENT

घोटाला

ऐसे किया सिटी ने घोटाल

प्रायोजन: सार्वजनिक रिकॉर्ड में एतिहाद और एतिसालात जैसी अबू धाबी की संस्थाओं को भुगतानकर्ता बताया गया, लेकिन आयोग के अनुसार प्रायोजन राशि का 85-90 प्रतिशत तक हिस्सा ADUG (शेख मंसूर की निवेश संस्था/निवेश माध्यम) की ओर से दिया गया था।

मैनेजर का वेतन: रॉबर्टो मैनचिनी जैसे मैनेजर का कुछ वेतन मैनचेस्टर सिटी के अनुबंध में दिखाया गया, जबकि अबू धाबी के अल जजीरा क्लब के जरिए अलग परामर्श अनुबंध के माध्यम से अतिरिक्त भुगतान किया गया।

ADVERTISEMENT

खिलाड़ी

खिलाड़ियों को दी गई अतिरिक्त राशि

खिलाड़ियों के छवि अधिकार: आधिकारिक खातों में इन पर बहुत कम खर्च दर्ज किया गया, कुछ विदेशी कंपनियों के जरिए खिलाड़ियों को अतिरिक्त राशि दी गई।

इसे वित्तीय निष्पक्षता से जुड़े नियमों के तहत दर्ज नहीं किया गया।

सिटी ने लगाए गए पैसे को वास्तविक व्यावसायिक आय के रूप में दिखाकर अपनी कमाई के आंकड़ों को कागजों पर बढ़ाया।

वित्तीय घाटे की सीमा का उल्लंघन किए बिना खिलाड़ियों के स्थानांतरण शुल्क और वेतन पर खर्च करने की गुंजाइश मिली।

सजा

सिटी के साथ क्या हो सकता है?

प्रीमियर लीग की नियमावली में इस स्तर के उल्लंघनों के लिए सजा की कोई स्पष्ट अधिकतम सीमा तय नहीं है, इसलिए आयोग के पास सजा तय करने का व्यापक अधिकार है।

संभावित सजा के पांच प्रमुख विकल्प हैं:

A. रिकॉर्ड स्तर की अंक कटौती

B. प्रीमियर लीग से निष्कासन या निचली लीग में भेजना

C. पुराने लीग खिताब वापस लेना

D. भारी जुर्माना और मुआवजे का दावा

E. खिलाड़ियों की खरीद पर रोक और टीम में बदलावों पर प्रतिबंध

क्लब

सिटी ने क्या कहा है?

सिटी ने स्वतंत्र आयोग के निष्कर्षों को खारिज कर अपनी बेगुनाही का दावा दोहराया है।

क्लब का कहना है कि उसके पास अपने पक्ष में निर्णायक और ठोस सबूतों का व्यापक आधार मौजूद है।

उसके पास प्रीमियर लीग को औपचारिक अपील की सूचना देने के लिए शुक्रवार, 2 अक्टूबर तक का समय है।

क्लब ने आयोग के फैसले में कानून, सिद्धांत और तथ्यों से जुड़ी गंभीर गलतियां होने का दावा किया है और कहा है कि वह कानूनी रास्ता अपनाएगा।

वापस

क्या सिटी से वापस ली जाएगी ट्रॉफी?

सिटी से पुराने लीग खिताब वापस लेना स्वतंत्र आयोग के पास मौजूद कानूनी विकल्पों में शामिल है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

सजा तय करने के लिए होने वाली अलग सुनवाई में आयोग यह तय करेगा कि क्लब के खिलाफ कौन-सी कार्रवाई उचित होगी।

इसमें सभी विकल्प शामिल हैं। हालांकि, इन संभावित सजा में से किसी को लेकर फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

ADVERTISEMENT