कौन हैं धनराज नाथवानी, जिन्हें सपा ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार? अंबानी परिवार से भी हैं संबंध
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (SP) ने एक चौंकाने वाले नाम का ऐलान किया है। पार्टी ने दिग्गज उद्योगपति धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया है। वे राज्यसभा सांसद और रिलायंस समूह के वरिष्ठ अधिकारी परिमल नाथवानी के बेटे हैं। ऐसे में सपा द्वारा उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने की खूब चर्चाएं हो रही हैं। आइए धनराज के बारे में जानते हैं।
परिचय
कौन हैं धनराज नाथवानी?
धनराज का जन्म 5 फरवरी, 1986 को हुआ था। उनके पिता का नाम परिमल नाथवानी और मां का नाम वर्षा नाथवानी है। उन्होंने रीजेंट्स बिजनेस स्कूल, लंदन से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है।
इसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से कॉर्पोरेट लॉ और पब्लिक रिलेशंस में विशेषज्ञता के साथ MBA की डिग्री हासिल की।
उनकी पहचान देश के प्रमुख युवा उद्योगपति और खेल प्रशासक के तौर पर होती है।
करियर
रिलायंस समूह में अहम भूमिका निभाते हैं धनराज
प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से आने वाले धनराज रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वे गुजरात में रिलायंस के जामनगर और वडोदरा स्थित विनिर्माण विभागों के संचालन की देखरेख करते हैं।
रिलायंस जियो और कई दूसरी अहम परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाने के साथ-साथ, वे रिलायंस न्यू एनर्जी और रिलायंस ग्रुप की कई सहायक कंपनियों के बोर्ड में निदेशक भी हैं। यानी अंबानी परिवार से उनके करीबी संबंध हैं।
खेल
क्रिकेट और खेल प्रशासन में भी पहचान
धनराज भी अपने पिता की तरह खेल प्रशासन में रुचि रखते हैं। 2022 से वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, GCA के उपाध्यक्ष रहते हुए अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया।
वे गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन (GSFA) के अध्यक्ष के रूप में भी राज्य में फुटबॉल को बढ़ावा देने और उसके विकास के लिए कार्य कर चुके हैं।
पिता
पिता भी NDA से राज्यसभा सांसद
धनराज के पिता परिमल नाथवानी भी झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं। कुछ ही महीने पहले वे चौथी बार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।
दिलचस्प बात ये है कि जहां धनराज को समाजवादी पार्टी राज्यसभा भेजने की तैयारी कर रही हैं, वहीं उनके पिता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे हैं।
जून 2026 में झारखंड से वे NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए थे।
चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। विधायकों की संख्या के लिहाज से NDA को 8 और सपा को 2 सीटें मिलना तय है।
हालांकि, अखिलेश 3 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सपा महासचिव रामगोपाल यादव को भी उम्मीदवार बनाया है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है।
वहीं, तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए सपा को 12 और विधायकों की जरूरत होगी।