
दिल्ली: अपोलो अस्पताल में कोरोना संक्रमित की मौत के बाद परिजनों ने किया चिकित्साकर्मियों पर हमला
क्या है खबर?
दिल्ली के सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल में मंगलवार सुबह एक कोरोना संक्रमित महिला मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया है।
इतना ही नहीं गुस्साए परिजनों ने उन्हें समझाने आए डॉक्टर और नर्सों पर जानलेवा हमला भी कर दिया।
इस दौरान अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने परिजनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। घटना के बाद चिकित्साकर्मियों में भय का माहौल है।
प्रकरण
ICU बेड नहीं मिलने से हुई महिला मरीज की मौत
इंडिया टुडे के अनुसार एक 62 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला के परिजन उसे इलाज के लिए मंगलवा तड़के 3 बजे अपोलो अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल ने मरीज को भर्ती नहीं किया और उन्हें इंतजार में बैठा कर रखा। महिला को ICU बेड की जरूरत थी। इलाज के अभाव में सुबह 9 बजे उसकी मौत हो गई।
इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और बाद डॉक्टर और नर्सों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
बयान
परिजनों को दी गई थी अन्य अस्पताल में जाने की सलाह- अस्पताल प्रशासन
घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन ने बयान जारी किया, '27 अप्रैल की देर रात महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं होने पर परिजनों को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन वह नहीं गए।'
अस्पताल ने कहा, 'दुर्भाग्य से सुबह 8 बजे महिला की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए डॉक्टर्स और स्टाफ पर भी हमला कर दिया।'
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें घटना का वीडियो
#Delhi के सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यहां कोरोना संक्रमित एक मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल पर हमला कर दिया। #ViralVideo #Coronavirus pic.twitter.com/yM5j1jiutG
— Hindustan (@Live_Hindustan) April 27, 2021
डर
घटना के बाद चिकित्साकर्मियों में बैठ गया डर
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पुलिस की मदद से स्थिति को काबू में लिया है। घटना में दो चिकित्साकर्मियों को चोट आई है। इसके अलावा घटना के बाद चिकित्साकर्मियों में डर बैठ गया है।
अस्पताल ने कहा कि कोरोनाकाल में डॉक्टरों और हेल्थकेयर्स वर्कर्स के खिलाफ ऐसे बर्ताव से दुख पहुंचा है। चिकित्साकर्मी अपनी जान पर खेलकर लोगों की जिंदगी बचाने में जुटे हैं, लेकिन इस तरह से घटनाओं से चिकित्साकर्मियों को हौंसला टूटता है।
शिकायत
मामले में अस्पताल और मरीज के परिवार की ओर से नहीं मिली शिकायत- उपायुक्त
दक्षिण पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इस संबंध में अस्पताल और मरीज के परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अस्पताल प्रशासन और मरीजों के परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार ने चिकित्साकर्मियों पर हमले की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसी घटनाओं में साल साल की जेल और पांच लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया था।