दिल्ली कार धमाका: जांच में अंतरराष्ट्रीय साजिश होने के संकेत, NIA को मिली कट्टरपंथी सामग्री
क्या है खबर?
दिल्ली में पिछले साल नवंबर में हुए कार धमाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अंतरराष्ट्रीय साजिश होने का शक है। न्यूज18 ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है। NIA ने दावा किया है कि धमाके के संबंध में एक गहन साजिश स्थापित करने की जरूरत है, जिसके अखिल भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संबंध हैं। एजेंसी ने डिजिटल सबूतों के साथ अरबी भाषा में कट्टरपंथी और चरमपंथी सामग्री भी जब्त की है।
रिपोर्ट
NIA को मिली कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री
रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए तर्क दिया है कि बरामद किए गए डिजिटल साक्ष्यों को लेकर पूछताछ करना जरूरी है। NIA को मिली सामग्री में ऐसी जानकारी है, जो रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले केमिकल के जरिए विस्फोटक बनाने का तरीका बताती है जांचकर्ताओं का मानना है कि इस सामग्री का विश्लेषण करने की जरूरत है, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या यह चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा देती है।
अरबी
सामग्री के विश्लेषण के लिए जामिया के प्रोफेसर की मदद लेगी NIA
NIA ने बरामद ग्रंथों और डिजिटल दस्तावेजों का विश्लेषण करने के लिए दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया के अरबी भाषा विशेषज्ञ की मदद का अनुरोध किया है। इस विशेषज्ञ को बरामद हुए साहित्य और लेखों का गहन विश्लेषण करने और एक रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है। NIA का मानना है कि इस सामग्री का उद्देश्य कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार करना और रोजमर्रा की सामग्रियों का उपयोग करके विस्फोटक तैयार करने को बढ़ावा देना है।
व्हाट्सऐप
व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर नजर रख रही NIA
NIA ने कुछ ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुप की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल संदिग्ध मॉड्यूल से जुड़े सदस्य बातचीत के लिए करते थे। एजेंसी अंसार गजवत उल हिंद नामक समूह से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है, जिसे एक प्रतिबंधित संगठन से संबंधित बताया गया है। इसके अलावा कुछ मोबाइल नंबरों को इंटरसेप्ट किया गया है, ताकि उन व्यक्तियों की पहचान की जा सके जो कट्टरपंथी या जिहादी विचारधारा का पालन करते हैं।
भूमिका
NIA ने सभी आरोपियों की भूमिका पता लगाई
NIA के मुताबिक, आरोप है कि आमिर राशिद मीर ने विस्फोट में इस्तेमाल हुई कार खरीदी थी। जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश ने मृतक आरोपी उमर और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर हमले की तैयारियों में हिस्सा लिया था। मुफ्ती इरफान अहमद वागे ने कथित तौर पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाया और हमले की योजना बनाने में सहायता की। डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी और डॉक्टर आदिल अहमद राथर ने रसद, कच्चे माल की खरीद और IED निर्माण में सहायता की।
धमाका
दिल्ली धमाके में मारे गए थे 15 लोग
दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर को सफेद हुंडई i20 कार में विस्फोट में 15 लोगों की जान गई थी, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे आतंकवादी हमला बताते हुए इसका संबंध जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल से बताया था। इस घटना की जांच NIA कर रही है, जिसमें फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय समेत देशभर से कई डॉक्टरों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।