दिल्ली कार धमाके में जैश का हाथ, आतंकी हमलों में महिला विंग का इस्तेमाल चिंताजनक- UN
क्या है खबर?
पिछले साल नवंबर में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) की काउंटर-टेररिज्म मॉनिटरिंग टीम ने रिपोर्ट जारी की है। इसमें हमले के पीछे पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ बताया गया है। टीम ने जैश की बदलती संरचना और खासतौर पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए महिला विंग के गठन पर चिंता जताई है। आइए रिपोर्ट के बारे में जानते हैं।
रिपोर्ट
लाल किले का चयन अहम- रिपोर्ट
ये रिपोर्ट एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शन्स मॉनिटरिंग टीम ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को सौंपी है। इसमें कहा गया है कि UNSC के एक सदस्य देश ने बताया कि जैश ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है और 9 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके से भी उसका संबंध था। रिपोर्ट में कहा गया है कि UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल और भारत की संप्रभुता के प्रतीक लाल किले का चयन भी अहम है।
अहम बातें
रिपोर्ट में जैश की महिला विंग को लेकर क्या कहा गया है?
रिपोर्ट में कहा गया है कि 8 अक्टूबर, 2025 को जैश प्रमुख मसूद अजहर ने जमात उल-मुमिनात नाम से महिला विंग बनाने का ऐलान किया था। UN के मुताबिक, इस नए संगठन का उद्देश्य आतंकी हमलों का समर्थन करना था, जिससे समूह की भर्ती और मदद करने की रणनीति में बदलाव आया है। ऐसे कदम दूसरे चरमपंथी संगठनों में हुए बदलाव की तरह है, जो महिलाओं को शामिल कर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बढ़ाने और जांच से बचने की कोशिश करते हैं।
चेतावनी
UN ने दी ये चेतावनी
मॉनिटरिंग टीम ने चेतावनी दी है कि लगातार आतंकवाद-रोधी दबाव के बावजूद जैश जैसे संगठन भर्ती के नए तरीकों और प्रतीकात्मक बड़ी तीव्रता वाले हमलों के जरिए खुद को ढालने की क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। रिपोर्ट में पहलगाम हमले का भी जिक्र है। बताया गया है कि 28 जुलाई, 2025 को इस हमले में शामिल 3 संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया गया था, जो इस इलाके में चरमपंथी नेटवर्क के खिलाफ चल रहे सुरक्षा अभियान को दिखाता है।
धमाका
दिल्ली धमाके में मारे गए थे 15 लोग
दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर को सफेद हुंडई i20 कार में हुए विस्फोट में 15 लोगों की जान गई थी, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे आतंकवादी हमला बताते हुए इसका संबंध जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल से बताया था। इस घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है, जिसमें फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय समेत देशभर से कई डॉक्टरों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।