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अजित पवार के विमान में आखिरी 26 मिनट में क्या-क्या हुआ? नहीं मिले इन सवालों के जवाब
अजित पवार के विमान ने ATC को रनवे नहीं दिखाई देने की जानकारी दी थी

अजित पवार के विमान में आखिरी 26 मिनट में क्या-क्या हुआ? नहीं मिले इन सवालों के जवाब

लेखन आबिद खान
Jan 28, 2026
07:26 pm

क्या है खबर?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई। मुंबई से बारामती जा रहा ये विमान करीब 35 मिनट तक हवा में था, जिसने 2 बार लैंडिंग की असफल कोशिश की थी। हादसे की सही वजह अभी सामने नहीं आई है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) जांच कर रहा है। आइए अजित के विमान के आखिरी पलों के बारे में जानते हैं।

उड़ान

8:10 बजे विमान ने मुंबई से भरी उड़ान

दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK था। इसका संचालन दिल्ली की VSR वेंचर्स (VSR एविएशन) करती है। विमान ने सुबह 8:10 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरी। इसमें पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी, अटेंडेट और 2 पायलट समेत 5 लोग सवार थे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, विमान मुंबई से उड़ान भरने के 8 मिनट बाद यानी 8:18 बजे बारामती एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के संपर्क में आया था।

आखिरी पल

पायलट ने कहा था- रनवे दिखाई नहीं दे रहा

इसके बाद पायलट ने ATC से हवा और दृश्यता के बारे में पूछताछ की। ATC ने बताया कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर थी। 8:30 बजे विमान ने लैंडिंग का पहला प्रयास किया, लेकिन पायलट ने बताया कि उन्हें रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बाद विमान को फिर उड़ा लिया गया। पायलट ने एक चक्कर लगाने के बाद रनवे दिखाई देने की सूचना दी। इसके बाद 8:43 बजे उन्हें लैंडिंग की अनुमति दी गई।

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समय

8:44 पर क्रैश हो गया विमान

ATC से अनुमति मिलने के बाद पायलट का कोई जवाब नहीं आया। इसके ठीक एक मिनट बाद यानी 8:44 पर रनवे 11 के पास आग की लपटें देखी गईं। हादसे वाली जगह पर तुरंत आपातकालीन सेवाओं को भेजा गया। विमान का मलबा रनवे के बाईं ओर पड़ा था, जिसमें 4 से 5 धमाके हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान पूरा जल चुका था और अजित के शव की पहचान उनकी घड़ी से की गई।

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बयान

नागरिक उड्डयन मंत्री बोले- लैंडिंग के समय दृश्यता कम थी

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, "हम पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से जांच करेंगे। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि लैंडिंग के समय दृश्यता कम थी। लैंडिंग से पहले ATC ने पायलट से पूछा कि क्या रनवे दिख रहा है, तो पायलट ने नहीं कहा। एक चक्कर लगाने के बाद विमान दोबारा लैंडिंग के लिए आया। तब पायलट ने रनवे दिखने की पुष्टि की। ATC से मंजूरी मिलने के बाद दुर्घटना हो गई थी।"

सवाल

कई सवालों के जवाब मिलना बाकी

दूसरी बार लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद क्या हुआ? ATC को पायलट से कोई जवाब क्यों नहीं मिला? खराब दृश्यता के बावजूद लैंडिंग की कोशिश क्यों की गई? पहली लैंडिंग असफल होने के बाद विमान को डायवर्ट क्यों नहीं किया गया? क्या चक्कर लगाने या लैंडिंग से ठीक पहले विमान में कोई तकनीकी खामी आई या इंजन फेल हुआ? क्या विमान से पक्षी टकराया, ईंधन लीक हुआ, इलेक्ट्रिकल प्रणाली में खराबी आई या हार्ड लैंडिंग हुई?

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