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पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा राम मंदिर के CEO नियुक्त किए गए, 3 ट्रस्टियों का भी ऐलान
राम मंदिर को अपना पहला CEO मिल गया है

पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा राम मंदिर के CEO नियुक्त किए गए, 3 ट्रस्टियों का भी ऐलान

लेखन आबिद खान
Sep 02, 2026
05:00 pm

क्या है खबर?

अयोध्या के राम मंदिर को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा राम मंदिर के CEO नियुक्त किए गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनने के बाद औपचारिक ऐलान किया गया। उनके साथ ही ट्रस्ट में 3 नए ट्रस्टी भी बनाए गए हैं। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव नई ट्रस्टी बनाई गई हैं।

परिचय

कौन हैं राम मंदिर के नए CEO?

मिश्रा देवरिया के रहने वाले हैं। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' में पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाली थी।

वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के उप प्रमुख रह चुके हैं और इससे पहले इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में उप प्रमुख (ऑर्गनाइजेशन और ट्रेनिंग) थे।

वे खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी और डुंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी के छात्र रहे हैं। उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से भी पढ़ाई की है।

ट्रस्टी

कौन हैं 3 नए ट्रस्टी?

मदन मोहन पांडेय पेशे से वकील हैं और राम जन्मभूमि मामले में रामलला की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं।

भागचंदका विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वे M2K समूह के अध्यक्ष हैं। राम मंदिर भूमिपूजन के वक्त वे मुख्य यजमान थे।

निर्मला के बारे में फिलहाल सार्वजनिक तौर पर ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है।

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आवेदन

CEO के लिए 5,000 से ज्यादा लोगों ने किए थे आवेदन

राम मंदिर CEO पद के लिए 5,585 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 16 लोगों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इसके बाद समिति ने 3 लोगों के नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को सौंपे थे।

इस दौरान आवेदनकर्ताओं से प्रशासनिक अनुभव, जिम्मेदारियों, धार्मिक क्षेत्र में काम और भगवान राम के प्रति आस्था से जुड़े सवाल पूछे गए थे।

कथित तौर पर ट्रस्ट ने कट्टर हिंदू और शाकाहारी होने जैसी कई शर्तें रखी थीं।

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दान विवाद

दान चोरी विवाद से चर्चा में आया था ट्रस्ट

इसी साल जून में राम मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आया था। दान की गिनती से जुड़े कर्मचारियों ने कपड़े और जूतों में राशि छिपाकर घोटाले को अंजाम दिया।

इस मुद्दे पर खूब राजनीति भी हुई थी।

विवाद बढ़ने पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था।

वहीं, SIT ने 8 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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