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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में ज्यादातर कृषि और दुग्ध उत्पाद शामिल नहीं- रिपोर्ट
भारत और अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि और डेयरी उत्पाद प्रभावित नहीं होंगे

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में ज्यादातर कृषि और दुग्ध उत्पाद शामिल नहीं- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Feb 06, 2026
12:51 pm

क्या है खबर?

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया है। हालांकि, अभी तक इससे जुड़ी जानकारियां सामने नहीं आई हैं, लेकिन दावा किया जा रहा है कि भारत ने अपने कृषि क्षेत्र को समझौते से बाहर रखा है। न्यूज18 ने शीर्ष सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय कृषि और बड़े पैमाने पर उपभोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे चावल, गेहूं, सोयाबीन, मक्का, दुग्ध उत्पाद और चीनी समझौते के दायरे से पूरी तरह बाहर हैं।

रिपोर्ट

ज्यादातर कृषि उत्पादों पर नहीं होगा असर- रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि भारतीय किसानों द्वारा उगाई जाने वाली ज्यादातर चीजों पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि अमेरिका से कृषि आयात मुख्य रूप से उन वस्तुओं तक सीमित रहेगा, जिनका भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन नहीं होता है। सूत्रों ने बताया कि इन आयातों में बड़े पैमाने पर उपभोग की जाने वाली वस्तुएं शामिल नहीं होंगी, जिससे घरेलू बाजार पर असर होने की आशंका कम हो गई है।

वस्तुएं

समझौते में क्या-क्या शामिल है?

समझौते में शामिल कृषि उत्पादों में चुनिंदा सूखे मेवे जैसे अमेरिकी बादाम, काजू, अखरोट और पिस्ता शामिल हैं। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारत का मुख्य ध्यान रोजमर्रा की जरूरतों के बजाय विशिष्ट और प्रीमियम सेगमेंट पर है। सूत्रों ने ये भी कहा कि व्यापार समझौते पर दोनों पक्ष अगले 4-5 दिनों में एक संयुक्त बयान जारी कर सकते हैं, जिसमें व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी और वार्ता में हुई प्रगति के बारे में बताया जाएगा।

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कृषि

भारत का कृषि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित- सरकार

हाल ही में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि यह समझौता भारत के हितों खासतौर पर कृषि और डेयरी क्षेत्रों के हितों की पूरी तरह से रक्षा करता है। उन्होंने कहा, "भारत के मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें, बाजरा और दुग्ध उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित हैं। छोटे और बड़े किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। यह समझौता भारतीय कृषि के लिए जोखिम के बजाय नए अवसर पैदा करेगा।"

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चिंताएं

क्या हैं भारत की चिंताएं?

भारत की सबसे बड़ी शर्त ये है कि सभी दुग्ध उत्पाद ऐसे जानवरों से प्राप्त किए गए हों, जिन्हें पशुओं के आंतरिक अंगों या ऊतकों से उत्पादित भोजन नहीं खिलाया गया हो। अमेरिका जेनेटिकली मोडिफाइड (GM) मक्का पैदा करता है, जिसे भारत में आयात की अनुमति नहीं है। भारत GM सोयाबीन तेल के आयात की अनुमति देता है, लेकिन तेल निकालने के बाद बचे हुए डी-ऑइल केक (DCO) के आयात पर प्रतिबंध है।

टैरिफ

समझौते के बाद टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हुआ

अमेरिका के राष्ट्पति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिका और भारत व्यापार समझौते पर सहमत हो गए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी टैरिफ कम होंगे। उन्होंने भारतीय सामानों पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को 18 प्रतिशत करने और रूस से तेल खरीद के चलते लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया है। मार्च की शुरुआत में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

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