मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडित' पर मचे बवाल से डरा नेटफ्लिक्स, तुरंत किया ये काम
क्या है खबर?
मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। सोशल मीडिया पर इसके शीर्षक को लेकर लोगों की नाराजगी सामने आई जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी निर्माताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इस बढ़ते विवाद को देखते हुए नेटफ्लिक्स ने 'घूसखोर पंडित' का टीजर हटा दिया है।
आरोप
'घूसखोर पंडित' पर जातिगत अपमान का आरोप
न्यूज 18 के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश पर लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने पर 'घूसखोर पंडित' के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारण के लिए की गई है, जिसमें धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश का कथित आरोप लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि टीजर में जाति आधारित अपमान को बढ़ावा दिया गया है। पुलिस स्टेशनों में दर्ज शिकायतों के बाद नेटफ्लिक्स ने टीजर हटाया है।
सफाई
बवाल के बीच निर्देशक ने दी सफाई
उधर निर्देशक नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने लिखा, 'हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, और 'पंडित' शब्द का प्रयोग केवल एक काल्पनिक किरदार के बोलचाल के नाम के रूप में किया गया है... हम समझते हैं कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है, और हम उनकी भावनाओं को समझते हैं। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, हमने फिलहाल सभी प्रचार सामग्री हटाने का फैसला किया है।'
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए पोस्ट
Director Neeraj Pandey issues official statement on his film 'Ghooskhor Pandat', says, "Our film is a fictional cop drama, and the term “Pandat” is used simply as a colloquial name for a fictional character... We understand that the title of the film has caused hurt to some… pic.twitter.com/LKCucpceWt
— ANI (@ANI) February 6, 2026
नोटिस
नेटफ्लिक्स और निर्माताओं को भेजा गया कानूनी नोटिस
'नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स' कार्यक्रम के दौरान 'घुसखोर पंडित' का टीजर जारी किया था, जिसपर विवाद हो गया। आपत्तियां शीर्षक पर थीं, जिसमें "घुसखोर" (रिश्वत लेने वाला) और "पंडित" (पंडित का बोलचाल का रूप) शब्दों को मिलाकर बनाया गया है। सोशल मीडिया पर बढ़े विवाद के बीच, नेटफ्लिक्स और निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजे गए। HT के मुताबिक, याचिकाकर्ता महेंद्र चतुर्वेदी ने वकील विनीत जिंदल की सहायता से दिल्ली हाई कोर्ट याचिका दी, और प्रसारण पर रोक का आग्रह किया है।