
द केरल स्टोरी: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में हटाया फिल्म पर बैन
क्या है खबर?
'द केरल स्टोरी' कई दिनों से विवादों में है। दर्शक और सरकारें फिल्म को लेकर दो गुटों में बंट गई हैं।
फिल्म पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य से फिल्म को बैन कर दिया था। इस बैन के खिलाफ निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार के इस आदेश पर स्टे लगा दिया है, जिससे निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है।
ट्विटर पोस्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला
Supreme Court stays the May 8 order of the West Bengal government banning the screening of the film ‘The Kerala Story’ in the State. pic.twitter.com/X4evAfOK45
— ANI (@ANI) May 18, 2023
मामला
क्या था मामला?
ममता बनर्जी ने फिल्म को मनगढंत और नफरत फैलाने वाली बताकर 8 मई को इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। तमिलनाडु में भी यह फिल्म सिनेमाघरों में नहीं दिखाई जा रही थी। दोनों राज्यों में फिल्म न दिखाए जाने को लेकर फिल्म निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी।
याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों की सरकार से इस पर जवाब मांगा था।
गुरुवार को कोर्ट ने दोनों राज्यों के जवाब पर सुनवाई की।
जवाब
ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिया था यह जवाब
फिल्म पर प्रतिबंध को जायज बताते हुए ममता सरकार ने कहा था कि फिल्म में हेट स्पीच है और गलत तथ्य दिखाए गए हैं। इससे राज्य में सांप्रादायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
राज्य सरकार ने कहा था कि अगर फिल्म रिलीज की जाती तो कट्टर समूहों के बीच तनाव पैदा हो सकता था, जिससे राज्य की शांति व्यवस्था भंग होती।
सरकार ने यह भी दलील दी थी कि हर राज्य का सामुदायिक समीकरण अलग होता है।
तमिलनाडु सरकार
दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे तमिलनाडु सरकार- सुप्रीम कोर्ट
तमिलनाडु सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि सरकार ने फिल्म पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। फिल्म के लिए दर्शकों की कमी को देखते हुए सिनेमाघर मालिकों ने खुद ही फिल्म हटा दी थी।
ऐसे में कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को फिल्म दिखाने वाले सिनेमाघरों में उचित सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
निर्माता
निर्माता विपुल शाह ने विवादों पर तोड़ी चुप्पी
विपुल शाह की इस फिल्म में केरल की उन महिलाओं की कहानी दिखाई गई है, जो लव जिहाद का शिकार होती हैं और फिर उन्हें ISIS के शिविरों में भेज दिया जाता है।
फिल्म के तथ्यों पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे थे।
इन तथ्यों को साबित करते हुए निर्माता विपुल शाह बुधवार को 26 पीड़ित महिलाओं को मीडिया के सामने लेकर आए, जिन्होंने आपबीती सुनाई। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द और सबूतों के साथ आएंगे।