राम गोपाल वर्मा पर अशोक पंडित का जोरदार पलटवार- FWICE दादागीरी नहीं करती, पहले बकाया चुकाओ
क्या है खबर?
रणवीर सिंह और 'डॉन 3' विवाद के बीच फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अभिनेता के खिलाफ जारी (असहयोग) निर्देश को वापस ले लिया है, जिससे रणवीर को बड़ी राहत मिली है। इसी बीच मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने इस विवाद पर टिप्पणी करने वाले मशहूर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वर्मा के बयानों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया।
खुलासा
"दूसरों पर सवाल उठाने वाले खुद अपना पुराना वादा भूल गए"
अशोक पंडित का ये बयान रणवीर के खिलाफ FWICE के असहयोग निर्देश पर वर्मा की प्रतिक्रिया के बाद आया। वर्मा ने सोशल मीडिया पर फेडरेशन की आलोचना करते हुए उसके कदमों पर सवाल उठाए थे। इस पर पलटवार करते हुए अब अशोक पंडित ने आरोप लगाया कि राम गोपाल वर्मा खुद अतीत में बकाया भुगतान के मामले को लेकर फेडरेशन के पास आ चुके हैं, लेकिन उन्होंने उस समय किए गए अपने वादे को पूरा नहीं किया।
आरोप
दूसरों पर सवाल उठाने वाले खुद 2017 से दबाकर बैठे हैं 1 करोड़ रुपये- दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक ने कहा, "FWICE कोई दादागीरी करने वाली संस्था नहीं है। ये एक गंभीर फेडरेशन है। राम गोपाल वर्मा ने हमारे बारे में अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। आज हम पूरी दुनिया को ये बताना चाहते हैं वर्मा पर तकनीशियनों का एक करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है और ये मामला साल 2017 से लगातार चल रहा है। उन्होंने फेडरेशन को एक पत्र लिखा था।"
मांग
फिल्म फेडरेशन ने की वर्मा से माफी की मांग
अशोक पंडित ने आगे कहा, "वर्मा ने फेडरेशन से समर्थन मांगते हुए गुहार लगाई थी कि उन्हें भुगतान करने के लिए थोड़ा समय दिया जाए। उन्होंने वादा किया था कि वो मार्च 2019 तक पूरा भुगतान कर देंगे, लेकिन उन्होंने आज तक ये पैसे नहीं दिए हैं। फेडरेशन के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए हम उनसे बिना शर्त माफी की मांग करते हैं।" अभी अशोक के इस दावे पर वर्मा की प्रतिक्रिया आनी बाकी है।
निशाना
वर्मा ने किया था FWICE पर बड़ा वार
वर्मा ने मांग की थी कि रणवीर सिंह के बजाय खुद फिल्म फेडरेशन (FWICE) पर 'बैन' लगना चाहिए, क्योंकि गांधीवादी शैली में लगाया जाने वाला ये असहयोग अंततः खुद फेडरेशन के लिए बड़ा मजाक बन जाएगा। उन्होंने फेडरेशन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये कर्मचारियों या इंडस्ट्री की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि यह एक अपना दबदबा और नियंत्रण बनाए रखने के लिए किया जाने वाला महज एक दिखावा और ताकत का प्रदर्शन है।