जैकलीन फर्नांडिस 'सरकारी गवाह' बनने से पीछे हटीं, ED की आपत्ति के बाद लिया फैसला
क्या है खबर?
जैकलीन फर्नांडिस ने ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 'सरकारी गवाह' बनने की अपील की थी। इस बावत उन्होंने दिल्ली की एक अदालत में एक अर्जी भी दायर की। हालांकि अब अभिनेत्री अपनी इस मांग से पीछे हट गई हैं और उन्होंने अपनी अर्जी को वापस ले लिया है। यह कदम उन्होंने तब उठाया, जब 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी अर्जी पर अदालत में आपत्ति जताई। आइए जानते हैं पूरा मामला।
सुनवाई
सुनवाई के बाद जैकलीन के वकील ने की पुष्टि
IANS के मुताबिक, जैकलीन ने ठग से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 'सरकारी गवाह' बनने की अपनी अर्जी वापस ले ली है। 12 अप्रैल को सुनवाई के बाद, अभिनेत्री के वकील ने पुष्टि की कि उन्होंने जज प्रशांत शर्मा के सामने दायर की अर्जी को वापस ले लिया है। इससे पहले, अभिनेत्री के 'सरकारी गवाह' बनने की इच्छा पर अदालत ने उन्हें स्पष्ट किया था कि इसके लिए उन्हें ED को एक औपचारिक अनुरोध भेजना होगा।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए पोस्ट
#BREAKING: Actress Jacqueline Fernandez has withdrawn her request to become an approver in the ₹200 crore money laundering case linked to Sukesh Chandrasekhar. Earlier, the Enforcement Directorate opposed her plea, stating that she was not cooperative during the investigation… pic.twitter.com/G6llwO1aUU
— IANS (@ians_india) May 12, 2026
विरोध
ED ने जैकलीन की मांग पर जताई थी आपत्ति
उधर ED ने जैकलीन की अर्जी का विरोध करते हुए उन्हें ठगी मामले में बराबर का भागीदार बताया। उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि अभिनेत्री आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में जानते हुए भी लगातार उसके संपर्क में बनी रहीं। वह मनी लॉन्ड्रिंग योजना में सक्रिय भागीदार थीं। उनका पीड़ित होने का दावा रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों के विपरीत था। ED ने अदालत से कहा था कि जैकलीन को 'सरकारी गवाह' बनाना न्याय का उल्लंघन होगा।