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OTT ने नकारा, जनता ने सिर आंखों पर बैठाया; ब्लॉकबस्टर बनी 'हनुमान अंश' ने रचा इतिहास
'हनुमान अंश' को OTT ने दिखाया था ठेंगा

OTT ने नकारा, जनता ने सिर आंखों पर बैठाया; ब्लॉकबस्टर बनी 'हनुमान अंश' ने रचा इतिहास

Sep 05, 2026
02:30 pm

क्या है खबर?

'हनुमान अंश' के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने खुलासा किया कि एक OTT प्लेटफॉर्म ने उनकी फिल्म के विचार को बेहद अपमानजनक तरीके से खारिज कर दिया था। हालांकि, इस रिजेक्शन ने फिल्म को सिनेमाघरों तक ले जाने के उनके इरादे को मजबूत कर दिया। OTT से नकारे जाने के बावजूद दर्शकों के जबरदस्त प्यार की बदौलत केवल 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 80 करोड़ से अधिक की ऐतिहासिक कमाई कर सबको हैरान कर दिया है।

कहानी

कहानी सुनाते-सुनाते रो पड़े थे निर्देशक

इंडिया टीवी से बात करते हुए निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने वो पुराना वाकया याद किया।

उन्होंने बताया, "मैं एक बड़े OTT प्लेटफॉर्म पर अपनी कहानी का आइडिया लेकर गया था। वहां मुझसे पूछा गया कि क्या मेरे पास कोई ऐसी भारतीय कहानी है, जिसका अंतरराष्ट्रीय महत्व भी हो? इसके बाद जब मैंने उन्हें महाराज जी (नीम करोली बाबा) की कहानी सुनानी शुरू की तो सुनाते-सुनाते मैं खुद भावुक होकर रो पड़ा था।"

नाराजगी

"उनके गलत नजरिए को तोड़ना जरूरी था"

निर्देशक ने आगे कहा, "जिस तरह उन्होंने मेरी फिल्म खारिज की और भाषा इस्तेमाल की, वो बेहद अपमानजनक थी। एक फिल्म निर्माता के तौर पर हमारे लिए रिजेक्ट होना नई बात नहीं है, हम तो हजारों बार खारिज होते हैं, लेकिन उनके लहजे से लगा कि उनके दिमाग में एक खास तरह की सोच का कचरा भरा हुआ है। मुझे तुरंत अहसास हो गया कि उनके इस गलत नजरिए को तोड़ना और सच सामने लाना बेहद जरूरी है।"

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तंज

निर्देशक बोले- ये OTT प्लेटफॉर्म देश के हित में काम ही नहीं कर रहे

विशाल ने आगे कहा, "मेरी इस फिल्म को बनाने की जिम्मेदारी इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि आप भारत की संत परंपरा और मानसिकता को इस घटिया नजर से देखते हैं और वो भी इतने बड़े मंच पर बैठकर। इसका साफ मतलब यही है कि ये OTT प्लेटफॉर्म हमारे देश के हित में काम ही नहीं कर रहे। ऐसे में इस कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना बेहद जरूरी हो गया था और बस इसी बात को लेकर मैं अड़ गया।"

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सवाल

'हनुमान अंश' के निर्देशक का बॉलीवुड से सवाल

'हनुमान अंश' की सफलता के बाद निर्देशक ने नीम करोली बाबा की महान विरासत को नजरअंदाज करने पर बॉलीवुड पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, "20वीं सदी के संत ने 21वीं सदी बदल दी। आज दुनियाभर के दिग्गज लीडर्स उनसे प्रभावित हैं, यहां तक कि एपल का लोगो भी उन्हीं से प्रेरित माना जाता है। मैं बॉलीवुड से पूछना चाहता हूं कि इतने महान व्यक्तित्व की कहानी मुझसे पहले आपने बड़े पर्दे पर क्यों नहीं दिखाई?"

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