अमेरिका और चीन सितंबर में AI सुरक्षा पर को लेकर करेंगे बातचीत, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
अमेरिका और चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर सितंबर में बातचीत हो सकती है। दरअसल, AI की तेजी से बढ़ती क्षमताएं अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई हैं। सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस तकनीक पर खास तौर पर होने वाली पहली आधिकारिक द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसकी अगुवाई अमेरिकी पक्ष से ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट करेंगे। दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी के प्रवक्ता ने बैठक तय होने से इनकार किया है।
मकसद
बैठक के पीछे क्या है मकसद
रॉयटर्स ने इस बातचीत की जानकारी रखने वाले 2 सूत्रों के हवाले से इसका सितंबर के मध्य का संभावित समय बताया है।
सूत्रों ने बताया कि अमेरिका, AI से होने वाले साइबर हमलों की निगरानी में सहयोग पर चर्चा करना चाहता है।
ट्रंप प्रशासन ने एक प्रस्ताव भी रखा है, जिसमें अमेरिकी और चीनी AI लैब्स से कहा गया है कि वे खुद पर नजर रखें और इससे जुड़े साइबर हमलों को रोकने के लिए जानकारी साझा करें।
जोखिम
इस कारण बढ़ रहा AI की सुरक्षा का जोखिम
AI मॉडल्स के अनियंत्रित व्यवहार के कारण सुरक्षा की चिंता पैदा हुईं। OpenAI के मॉडल पर बने लगभग 700 गलत AI एजेंट्स ने जुलाई में हगिंग फेस को हैक किया और लॉग्स में हेरफेर करके अपने निशान मिटाने की कोशिश की।
कंपनी और साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने पिछले सप्ताह यह जानकारी दी।
इससे उन जोखिमों का पता चलता है, जो एजेंट्स के ऐसे ग्रुप से जुड़े हैं, जो महीनों तक नजर में आए बिना अपने आप काम कर सकते हैं।