ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026: टूटा भारत का सपना, जीत से चूके अनुष्का शंकर समेत ये भारतीय कलाकार
क्या है खबर?
ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 में भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए खबर थोड़ी मायूसी भरी रही। भारत की ओर से ग्रैमी की प्रबल दावेदार मानी जा रही दिग्गज सितार वादक अनुष्का शंकर इस बार भी ट्रॉफी जीतने से चूक गईं। बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस की कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली श्रेणी में उन्हें लैटिन सुपरस्टार बैड बन्नी से हार का सामना करना पड़ा। अनुष्का के साथ-साथ संगीतकार सिद्धांत भाटिया और जैज पियानिस्ट चारु सूरी की उम्मीदों को भी झटका लगा।
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अनुष्का शंकर से आगे निकले बैड बन्नी
इस साल ग्रैमी की बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस की श्रेणी पर पूरी दुनिया की नजरें थीं। इस श्रेणी में मुकाबला बेहद कड़ा था। जहां एक तरफ भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत को संजोए अनुष्का शंकर थीं तो दूसरी तरफ लैटिन संगीत के ग्लोबल आइकन बैड बन्नी। आखिरकार बैड बन्नी के प्रदर्शन ने जूरी का दिल जीत लिया और उन्होंने इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, वहीं अनुष्का को विजेता देखने का भारतीयों का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।
ट्विटर पोस्ट
बैड बन्नी ने जीता ग्रैमी पुरस्कार
BAD BUNNY tonight at the Grammys: "Before I say thanks to God, I’m going to say, ICE out. We're not savage. We're not aliens. We are humans, and we are Americans." pic.twitter.com/zX0O8SJgNK
— Pablo Manríquez (@PabloReports) February 2, 2026
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सिद्धांत भाटिया का 'साउंड्स ऑफ कुंभ' भी खाली हाथ लौटा
भारतीय संगीतकार सिद्धांत भाटिया ने ग्रैमी 2026 में अपनी उपस्थिति से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। उन्हें बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम की श्रेणी में उनके आध्यात्मिक एल्बम 'साउंड्स ऑफ कुंभ' के लिए नामांकित किया गया था। हालांकि, इस श्रेणी में ब्राजीलियाई संगीत के दिग्गज कलाकारों काएतनो वेलोसो और मारिया बेथानिया ने अपने लाइव एल्बम 'काएतनो ए बेथानिया ओ वीवो' के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। सिद्धांत का एल्बम 'साउंड्स ऑफ कुंभ' प्रयागराज के महाकुंभ की ध्वनियों और आध्यात्मिकता पर आधारित है।
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चारु सूरी का एल्बम 'शयन' ग्रैमी में चमका, पर जीत नहीं मिली
ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 में भारतीय मूल की अमेरिकी संगीतकार और पियानिस्ट चारु सूरी के लिए भी ये एक बड़ा अवसर था। उन्हें बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम की श्रेणी में ही उनके एल्बम 'शयन' के लिए नामांकित किया गया था। ग्रैमी में नामांकित चारु का ये एल्बम 'शयन' एक लोरी आधारित प्रोजेक्ट था, जिसे उन्होंने अपने पिता की स्मृति में बनाया था। हालांकि, इस श्रेणी में ब्राजील के दिग्गज कलाकारों काएतनो वेलोसो और मारिया बेथानिया ने बाजी मार ली।
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'शक्ति' का जादू भी इस बार नहीं चला
पिछले साल इतिहास रचने वाले दिग्गज फ्यूजन बैंड 'शक्ति' के लिए 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स निराशाजनक रहे। शंकर महादेवन और जॉन मैकलॉघलिन की अगुआई वाले इस बैंड को 'बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम' श्रेणी में उनके प्रोजेक्ट 'माइंड एक्सप्लोजन' के लिए नामांकित किया गया था। हालांकि, पिछले साल के विजेता 'शक्ति' को इस बार ब्राजील के काएतनो वेलोसो और मारिया बेथानिया से हार का सामना करना पड़ा और भारत के हाथ से एक और बड़ी ट्रॉफी फिसल गई।