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1 फरवरी से सिगरेट समेत तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, सरकार ने एक्साइज ड्यूटी लगाई
1 फरवरी से तंबाकू उत्पाद महंगे होने जा रहे हैं

1 फरवरी से सिगरेट समेत तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, सरकार ने एक्साइज ड्यूटी लगाई

लेखन आबिद खान
Jan 01, 2026
01:58 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है। ये 1 फरवरी, 2026 से लागू होगी। इसके बाद सिगरेट समेत कई तंबाकू उत्पाद महंगे हो जाएंगे। नए नियमों के मुताबिक, सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक्स पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी वसूली जाएगी। ये ड्यूटी मौजूदा टैक्स के ऊपर अलग से लगेगी। खबर सामने आने के बाद तंबाकू कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट आई है।

फैसला

क्या है सरकार का फैसला?

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, 1 फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और ऐसे अन्य उत्पादों पर 40 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) लगेगा। इसके अलावा पान मसाला पर स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस लगाया जाएगा। बता दें कि दिसंबर, 2025 में संसद ने 2 विधेयकों को मंजूरी दी थी। इनमें पान मसाला निर्माण पर नया सेस और तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रावधान था। इन्हीं कानूनों के तहत नया सेस और ड्यूटी लगाई जाएगी।

कीमतें

कितनी बढ़ सकती है एक सिगरेट की कीमत?

जानकारों के मुताबिक, नई एक्साइज ड्यूटी के कारण 75 मिलीमीटर से 85 मिलीमीटर लंबी सिगरेट के निर्माण की लागत में 22 से 28 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। कंपनियां इस बढ़ोतरी की वसूली ग्राहकों से करेगी, जिसके चलते एक सिगरेट की कीमत में 2 से 3 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ITC की कुल बिक्री का लगभग 16 प्रतिशत हिस्सा 75 मिलीमीटर से ज्यादा लंबी सिगरेटों से आता है।

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वजह

सरकार ने क्यों लगाया नया टैक्स

वर्तमान में भारत में सिगरेट पर कुल टैक्स लगभग 53 प्रतिशत है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसके लिए 75 प्रतिशत का मानक निर्धारित किया हुआ है। सरकार का मानना है कि नई एक्साइज ड्यूटी से ये अंतर कम होगा। इसके अलावा कीमतें बढ़ने से तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल कम होगा, जो अंतत: सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा। सरकार ड्यूटी से मिली राशि का इस्तेमाल कल्याणकारी कामों में करेगी।

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दर

नए विधेयक में क्या हैं टैक्स के प्रावधान?

केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक में सिगरेट पर संशोधित शुल्क 2,700 रुपये प्रति हजार स्टिक से लेकर 11,000 रुपये प्रति हजार स्टिक तक होगा। इसके अलावा सिगार/चुरूट जैसे उत्पादों पर 5,000 रुपये से लेकर 11,000 रुपये तक उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। साथ ही कच्चा तंबाकू पर 60-70 प्रतिशत और निकोटीन और सूंघने वाले उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान है। अभी सिगरेट पर 5 प्रतिशत क्षतिपूर्ति सेस और 1,000 स्टिक पर 2,076-3,668 रुपये सेस लगता है।

GST

'सिन गुड्स' पर लगा था 40 प्रतिशत GST

पिछले साल सितंबर में सरकार ने GST दरों में बदलाव कर 'सिन गुड्स' पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाया था। 'सिन गुड्स' वे उत्पाद होते हैं, जिन्हें स्वास्थ्य और समाज दोनों के लिए हानिकारक माना जाता है। इनमें तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, सिगरेट और मादक या मीठे पेय पदार्थ आते हैं। कुछ विलासिता से जुड़ी चीजें या लग्जरी सामान भी इस श्रेणी में आते हैं। ऐसी वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स लगाने का उद्देश्य इन उत्पादों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है।

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