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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा, व्यावसायिक सिलेंडर के दाम भी बढ़े
सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की है

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा, व्यावसायिक सिलेंडर के दाम भी बढ़े

लेखन आबिद खान
Mar 07, 2026
09:25 am

क्या है खबर?

ईरान-इजरायल युद्ध से उपजी अनिश्चितताओं के बीच सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब 913 रुपये का मिलेगी। पहले यह 853 रुपये का मिल रहा था। वहीं, 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह अब 1883 रुपये का मिलेगा। बढ़ी हुई कीमतें आज से ही लागू हो गई हैं।

दाम

अब किस शहर में कितने में मिलेगा घरेलू सिलेंडर? 

कोलकाता में घरेलू गैस सिलेंडर पहले 879 रुपये का मिल रहा था। अब ये 939 रुपये का मिलेगा। मुंबई में सिलेंडर की कीमत अब 912.50 रुपये हो गई है। पहले 852.50 रुपये थी। इसी तरह चेन्नई में 868.50 रुपये की सिलेंडर अब 928.50 रुपये में, भोपाल में 858.50 का 918.50 रुपये में, जयपुर में 856.50 का अब 916.50 रुपये में, पटना में 951.50 रुपये का 1011 रुपये में और रायपुर में 824 रुपये का सिलेंडर अब 984 रुपये में मिलेगा।

बढ़ोतरी

6 साल में पहली बार इतनी बढ़ी कीमतें

बीते 6 साल में ये पहली बार है, जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में एक साथ 50 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 8 अप्रैल, 2025 को 50 रुपये बढ़ी थी। फरवरी, 2020 में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 144.5 रुपये का इजाफा हुआ था। वहीं, करीब 3 साल बाद व्यावसायिक LPG की कीमतें 2,000 रुपये के पार पहुंच गई हैं।

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आदेश

सरकार का रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का आदेश

5 मार्च को केंद्र सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। सरकार ने कहा कि अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी और सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की आपूर्ति केवल सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है।

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वजह

क्यों बढ़े सिलेंडर के दाम?

युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद हो गया है। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाले इस जलडमरूमध्य के जरिए दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का 50 प्रतिशत कच्चा तेल और 54 प्रतिशत LNG इसी रास्ते से मंगाता है ईरानी हमले के बाद कतर ने LNG उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत की 40 प्रतिशत LNG कतर से ही आयात करता है।

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