अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के 7 दिन पूरे, जानिए अब तक इसका प्रभाव और मौजूदा स्थिति
क्या है खबर?
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त रूप से ईरान पर हमले किए हुए 7 दिन बीत चुके हैं। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई और पूरा मध्य पूर्व गंभीर संकट में डूब गया। ईरान के अमेरिकी सेन्य अड्डों को निशाना बनाने से आस-पास के 12 अन्य देशों में भी हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस युद्ध का अब तक क्या प्रभाव पड़ा है और मौजूदा स्थिति कैसी है।
शुरुआत
कैसे हुई मौजूद संघर्ष की शुरुआत?
इजरायल ने गत 28 फरवरी को अमेरिका की सेना के साथ मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया था। उसने राजधानी तेहरान के अलावा करमानशाह, लोरेस्टन, तबरीज, इस्फहान और करज शहरों 30 से अधिक जगहों पर हमले किए थे। तेहरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें खामेनेई समेत उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू की भी मौत हो गई। उसके बाद ईरान के जवाबी कार्रवाई शुरू करते ही संघर्ष भड़क गया।
जानकारी
क्या रहा था हमले का मुख्य कारण?
अमेरिका और इजरायल का दावा था कि ईरान अपनी परमाणु क्षमताओं को दोबारा विकसित कर रहा था। इसके अलावा वह बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास करने के साथ क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों को भी समर्थन दे रहा था। उन्होंने इसे अस्तित्वगत खतरा करार दिया था।
दिन
7 दिन में कैसे चला युद्ध?
पहले दिन अमेरिका ने 'एपिक फ्यूरी' और इजरायल ने 'रोरिंग लायन' नाम से अभियान शुरू करते हुए ईरान में 30 से अधिक जगहों पर हमले किए। इसमें खामेनेई समेत कई बड़े नेताओं की मौत हो गई। मीनाब में एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में 165 लड़कियां मारी गईं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। दुबई के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी हमले हुए।
हालात
दूसरे और तीसरे दिन बिगड़े हालात
दूसरे दिन अमेरिका ने ईरान की नौसेना को निशाना बनाया, जिसमें 9 जहाज डूब गए। ईरान के ड्रोन हमले में कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर 6 कर्मियों और इजरायल के बेत शेमेश शहर में मिसाइल हमले में 9 लोगों की मौत हो गई। तीसरे दिन हिजबुल्लाह ने सीमा पार मिसाइलें दागी। जवाब में इजरायल ने बेरूत पर हमले किए, जिनमें 31 लोगों की मौत हो गई। ईरान ने सऊदी अरब और कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
अशांति
अगले चार दिन कैसे गुजरे?
अगले चार दिन में अमेरिका ने बंकर बस्टर B-2 बमवर्षक विमानों को तैनात किया, जबकि इजरायल ने ईरानी सैन्य ठिकानों और हिजबुल्लाह दोनों को निशाना बनाया। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। दोहा, दुबई, अबू धाबी, बहरीन और कुवैत में भी हमले हुए। इजरायली F-35 लड़ाकू विमान ने तेहरान के ऊपर एक ईरानी SU-35 विमान को मार गिराया। ईरान ने अजरबैजान के नखचिवान के हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला किया, जिसमें 4 लोग घायल हो गए।
प्रसार
एक सप्ताह में कई मोर्चों पर फैला युद्ध
पिछले एक सप्ताह में युद्ध कई मोर्चों पर फैला। हिजबुल्लाह और हौथी जैसे ईरानी समर्थक गुटों ने भी इजरायल को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में इजरायल ने लेबनान के बेरूत पर बमबारी की है। इससे ईरान में लगभग 1,200 लोग मारे गए, जिनमें 165 स्कूली छात्राएं भी शामिल हैं। हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो पर हमला करने से 87 नौसैनिक मारे गए, जिससे यह संघर्ष भारत के पड़ोस तक पहुंच गया है।
प्रभाव
युद्ध के क्या-क्या प्रभाव सामने आए?
ईरान ने अमेरिका से बदला लेने के लिए इजरायल, कतर, कुवैत, UAE के अलावा सऊदी अरब, बहरीन, फिलिस्तीन, इराक और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सुविधाओं पर हमले कर दिए। इससे देशों ने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए। पिछले 7 दिनों में 11,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो गई। इससे हजारों की संख्या में यात्री फंस गए। इन देशों में नागरिकों की सुरक्षा खतरें में पड़ गई है और वहां की सरकारों ने जवाबी कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है।
कदम
ईरान ने उठाया यह बड़ा कदम
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और वहां से किसी भी जहाज के गुजरने पर हमला करने की चेतावनी दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इससे ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतें 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई। यूरोप और एशिया में प्राकृतिक गैस की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। इससे वैश्विक स्तर पर तेज और ऊर्जा संकट भी खड़ा हो गया है।
हालात
युद्ध की वर्तमान स्थिति क्या है?
यह युद्ध मध्य पूर्व और उससे बाहर के लगभग 14 देशों को प्रभावित कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में ईरान की जवाबी कार्रवाई की तीव्रता भी धीमी हुई है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 और ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की कमी आई है। इजरायल ने लगभग पूर्ण हवाई श्रेष्ठता हासिल करने का दावा किया और कहा कि उसने ईरान की 80 प्रतिशत वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया है।
सवाल
कब तक जारी रह सकता है यह युद्ध?
इजरायल और अमेरिका ने युद्ध की कोई समयसीमा तय नहीं की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध अवधि पर विरोधाभासी समय सीमाएं बताई हैं। शुरुआती हमलों के बाद ट्रंप ने कहा कि युद्ध 2-3 दिनों में समाप्त हो सकता है। एक दिन बाद उन्होंने इस सीमा को 4 सप्ताह कर दिया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि युद्ध की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। अब देखना है कि कौन पहले पीछे हटता है या फिर बड़ा युद्ध होता है।