भारत-यूरोपीय संघ के व्यापार समझौते से भारतीय छात्रों को मिलेगी असीमित आने-जाने की सुविधा
क्या है खबर?
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आज (27 जनवरी) एक अहम आवाजाही समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है। इस समझौते का मकसद EU देशों में भारतीय स्टूडेंट्स, वर्कर्स और प्रोफेशनल्स के आने-जाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इससे पढ़ाई, नौकरी और रिसर्च के लिए यूरोप जाने वाले भारतीयों को कम अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। सरकारों का कहना है कि यह समझौता दोनों क्षेत्रों के बीच लोगों के आपसी संपर्क को मजबूत करेगा।
फायदा
भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स को क्या मिलेगा फायदा?
इस समझौते से भारतीय छात्रों को EU देशों में पढ़ाई और काम के ज्यादा मौके मिलेंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर-लेयेन ने कहा है कि यह बड़ा समझौता छात्रों और रिसर्चर्स की आवाजाही को आसान बनाएगा। इसके तहत भारतीय टैलेंट के लिए एक तरह का सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाएगा। अलग-अलग देशों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
उम्मीद
ट्रेड और टैरिफ में बड़े बदलाव की उम्मीद
यह आवाजाही समझौता आज हुए भारत-EU के बड़े मुक्त व्यापार समझौता (FTA) से जुड़ा है, जिससे व्यापार में बड़ा बदलाव आ सकता है। इसके तहत भारत ने कुछ यूरोपीय गाड़ियों पर निर्यात टैरिफ घटाने पर सहमति दी है। इसके साथ ही, एयरक्राफ्ट, फूड, अल्कोहल और केमिकल जैसे कई EU प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी कम या खत्म हो सकती है। इससे बाजार तक पहुंच बढ़ेगी और दोनों पक्षों के व्यापार को फायदा होगा।