
ITR से लेकर FD तक, सितंबर से बदल जाएंगे ये वित्तीय नियम
क्या है खबर?
सितंबर, 2025 से वित्त से जुड़े कई नियम बदलने वाले हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ेगा। इसमें आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा से लेकर पेंशन योजना चुनने तक, चांदी की हॉलमार्किंग और क्रेडिट कार्ड नियम शामिल हैं। बैंक भी विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजनाओं की अंतिम तिथियां लेकर आए हैं। इन बदलावों के बारे में जानना जरूरी है ताकि लोग समय रहते सही वित्तीय निर्णय ले सकें।
बदलाव
आयकर और पेंशन योजना में बदलाव
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना (UPS) चुनने की समय सीमा 30 जून से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है। अब सितंबर, 2025 से कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से UPS में बदलने का विकल्प आसानी से चुन सकते हैं।
नियम
चांदी की हॉलमार्किंग और SBI कार्ड नियम
1 सितंबर से ग्राहक चाहें तो हॉलमार्क वाली चांदी या बिना हॉलमार्क वाली चांदी खरीद सकेंगे। शुरुआत में यह अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक होगा। इसी के साथ, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव किए हैं। 1 सितंबर से कुछ विशेष कार्डधारकों को डिजिटल गेमिंग और सरकारी भुगतान जैसी खरीद पर रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे। इसके अलावा, सभी कार्ड प्रोटेक्शन प्लान ग्राहकों को नए वेरिएंट में स्थानांतरित किया जाएगा।
अन्य
FD योजनाओं की अंतिम तिथि
इंडियन बैंक और IDBI बैंक ने अपनी विशेष सावधि जमा योजनाओं की अंतिम तिथि 30 सितंबर तय की है। इंडियन बैंक 444 और 555 दिनों की FD योजना दे रहा है, जबकि IDBI बैंक 444, 555 और 700 दिनों की अवधि वाली योजनाएं पेश कर रहा है। इन योजनाओं पर ग्राहकों को सामान्य FD से अधिक ब्याज दरें मिलती हैं। इसलिए, निवेशक समय रहते इन विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं।