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#NewsBytesExplainer: ईरान के साथ युद्ध विराम, लेकिन लेबनान पर क्यों जारी हैं इजरायल के हमले?
लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली हमलों के बाद तबाही

#NewsBytesExplainer: ईरान के साथ युद्ध विराम, लेकिन लेबनान पर क्यों जारी हैं इजरायल के हमले?

लेखन आबिद खान
Apr 08, 2026
11:26 am

क्या है खबर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2 हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान किया है। इजरायल ने कहा कि वह भी इस युद्धविराम फैसले में शामिल है और ईरान पर हमले नहीं करेगा। हालांकि, इजरायल ने ये भी कहा कि युद्धविराम समझौते में लेबनान पर हमले रोकना शामिल नहीं है। आज ही एक एंबुलेंस पर इजरायली हमले में 4 लेबनानी नागरिक मारे गए हैं। आइए समझते हैं कि इजरायल के लेबनान पर हमले क्यों जारी हैं।

लेबनान

इजरायल ने क्यों शुरू किए लेबनान पर हमले?

जब इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो हिजुब्ल्लाह भी इस संघर्ष में शामिल हो गया। इससे इजराइल की उत्तरी सीमा पर युद्ध का एक और मोर्चा खुल गया। हिज्बुल्लाह को ईरान का सबसे शक्तिशाली क्षेत्रीय सहयोगी माना जाता है। इसी वजह से हिज्बुल्लाह ने ईरान पर हुए हमलों के जवाब में इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन से हमले किए। इनमें कई लोग घायल हुए। इसके बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई की।

कारण

ईरान के छद्म समूहों को कमजोर कर रहा है इजरायल

जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, इजरायल को पहले से अनुमान था कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में हिज्बुल्लाह भी उसमें शामिल हो सकता है। इसी वजह से पूर्ण युद्ध शुरू होने से पहले ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए थे, ताकि व्यापक संघर्ष में ईरान को समर्थन देने की उसकी क्षमता को कमजोर किया जा सके। यह इजरायल का ईरान के छद्म समूहों को कमजोर करने की योजना भी है।

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उद्देश्य

क्या है इजरायली हमलों का उद्देश्य?

इजरायल के चल रहे हमलों का एक उद्देश्य ये है कि हिज्बुल्लाह को इतना कमजोर करना कि भविष्य में कोई संघर्ष न हो सके। इसमें हथियारों के भंडारों और प्रक्षेपण स्थलों को निशाना बनाना, आपूर्ति मार्गों को बाधित करना, विशेष रूप से सीरिया-लेबनान सीमा के पास, और वरिष्ठ ऑपरेटरों को खत्म करना शामिल है। रॉयटर्स के अनुसार, राजनयिक प्रयासों के बावजूद इजरायली सेना हिज्बुल्लाह पर हमले करना अभी भी जारी रखे हुए है।

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ग्रेटर इजरायल

क्या ये ग्रेटर इजरायल योजना का हिस्सा है?

कुछ आलोचकों का मानना है कि ये इजरायल की 'ग्रेटर इजरायल' योजना का हिस्सा है। दरअसल, ग्रेटर इजरायल एक विवादास्पद वैचारिक और भू-राजनीतिक अवधारणा है, जिसमें धार्मिक किताबों के आधार पर मिस्र की नील नदी से लेकर इराक की यूफ्रेट्स नदी तक का इलाका इजरायल का बताया गया है। इसमें लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और सऊदी अरब का कुछ हिस्सा शामिल है। यही वजह है कि कुछ आलोचक इसे ग्रेटर इजरायल योजना का हिस्सा मानते हैं।

नुकसान

इजरायली हमलों में लेबनान में कितना नुकसान हुआ?

लेबनान में अब तक 1,497 लोगों की मौत हुई है और 4,639 लोग घायल हुए हैं। करीब 10 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। इजरायल ने लेबनान की सीमा के भीतर कई किलोमीटर के इलाके को एक तरह से बफर जोन बना दिया है। राजधानी बेरूत समेत कई बड़े शहरों को खासा नुकसान हुआ है। इजरायल ने लेटानी नदी पर कम से कम 2 अहम पुलों को बर्बाद कर दिया है।

बयान

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के उलट नेतन्याहू का दावा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि 2 हफ्ते का युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होगा। हालांकि, इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी लेबनान और अन्य जगहों सहित हर जगह तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। अल जजीरा के मुताबिक, लेबनान के प्रधानमंत्री का मानना ​​है कि लेबनान में हिज्बुल्लाह द्वारा शुरू की गई कार्रवाई का संचालन ईरान कर रहा है, इसलिए अंतिम निर्णय ईरान द्वारा लिया जाएगा।

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