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तारिक रहमान कौन हैं, जो बन सकते हैं बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री?
तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं

तारिक रहमान कौन हैं, जो बन सकते हैं बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री?

लेखन आबिद खान
Feb 13, 2026
10:25 am

क्या है खबर?

बांग्लादेश में बीते दिन हुए आम चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। BNP ने 300 में से 209 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इसी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। उन्होंने 17 साल तक लंदन में राजनीतिक शरण ले रखी थी। आइए तारिक के बारे में जानते हैं।

परिचय

राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं तारिक

तारिक का जन्म 20 नवंबर, 1965 को ढाका में हुआ था। वे बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति और BNP के संस्थापक जिया-उर-रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। उन्होंने ढाका के BAF शाहीन कॉलेज से शुरुआती पढ़ाई की फिर ढाका विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग में दाखिला लिया। 1980 के दशक से वे सक्रिय राजनीति में हिस्सा लेने लगे। 1988 में वे BNP की गावतली उपजिला यूनिट के सदस्य बन औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए।

राजनीति

कैसा रहा तारिक का राजनीतिक सफर?

धीरे-धीरे तारिक की पार्टी में भूमिका बढ़ने लगे। 1991 के संसदीय चुनाव में उनकी मां यानी खालिदा ने 5 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसकी जिम्मेदारी तारिक ने ही संभाली थी। 2002 में तारिक को पार्टी का वरिष्ठ संयुक्त महासचिव बनाया गया। 2009 से 2016 तक वे BNP के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे। इस दौरान पार्टी संगठन को मजबूत करने में तारिक का भूमिका अहम रही। 2018 से फिलहाल तक वे BNP के कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका संभाल रहे हैं।

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विवाद

हसीना की रैली में ग्रेनेड हमला हुआ, तारिक को हुई सजा

2001 से 2006 तक BNP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के कार्यकाल में पार्टी के अध्यक्ष का कार्यालय (हवा भवन) विवादों में घिर गया। आरोप लगे कि खालिदा जिया के प्रधानमंत्री रहते हुए हवा भवन सत्ता का केंद्र बन गया। तारिक और उनके करीबियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। 2004 में ढाका में शेख हसीना की रैली में ग्रेनेड से हमला हुआ। इस मामले में तारिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

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भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार के मामले में 18 महीने जेल गए, फिर लंदन गए

तारिक पर 2001 से 2006 के BNP शासनकाल में भ्रष्टाचार के आरोप लगे। 2007 में सेना के समर्थन वाली कार्यवाहक सरकार बांग्लादेश की सत्ता में आई। इस दौरान तारिक 18 महीने जेल में रहे। वे इलाज के नाम पर 11 सितंबर, 2008 को देश छोड़ कर लंदन चले गए। इसके बाद वे देश नहीं लौटे। कहा जाता है कि खालिदा ने तारिक की रिहाई को लेकर सैन्य नेतृत्व के साथ एक समझौता किया था।

वापसी

17 साल बाद हुई वतन वापसी

तारिक ने 17 साल तक लंदन में राजनीतिक शरण ली। हालांकि, इस दौरान उन्हें ही BNP प्रमुख माना जाता रहा। वे विदेश से ही पार्टी की रणनीति, आंदोलन और संगठन को संभालते रहे। छात्र आंदोलन और शेख हसीना के तख्तापलट के बाद फिर तारिक चर्चाओं में आए। पिछले साल 26 दिसंबर को वे ढाका लौटे। 4 दिन बाद खालिदा जिया का निधन हो गया। इसके बाद तारिक BNP अध्यक्ष चुने गए। पार्टी ने हालिया चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा।

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