होर्मुज के इस साल पूरी तरह खुलने की उम्मीद नहीं, ईरान ने आधुनिक सुरंग बिछाई- रिपोर्ट
क्या है खबर?
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है। पेंटागन के अधिकारियों का मानना है कि होर्मुज इस पूरे साल आंशिक तौर पर बंद ही रहेगा, क्योंकि ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने में कम से कम 6 महीने लगेंगे। बता दें कि ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध के चलते बंद हुए होर्मुज जलडमरूमध्य ने भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।
रिपोर्ट
युद्ध खत्म होने के बाद ही शुरू होगा सुरंगें हटाने का काम
रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने अमेरिका के सांसदों को बताया है कि होर्मुज से ईरानी बारूदी सुरंगों को पूरी तरह से हटाने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं और जब तक युद्ध खत्म नहीं हो जाता, तब तक ऐसा नहीं किया जा सकता। एसोसिएटेड प्रेस ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि होर्मुज को सुरक्षित करने का काम कहीं अधिक जटिल है, जिसकी सबसे बड़ी वजह ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों की स्मार्ट तकनीक है ।
तकनीक
ईरान ने आधुनिक GPS तकनीक वाली सुरंगें बिछाईं
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने सांसदों को बताया कि ईरान ने संभवतः जलडमरूमध्य में 20 या उससे अधिक सुरंगें बिछाई हैं। पारंपरिक सुरंगों के उलट, ये कथित तौर पर GPS तकनीक से लैस हैं और इन्हें छोटी और तेज गति वाली नावों के माध्यम से दूर से तैनात किया जा सकता है। यही वजह है कि अमेरिकी सेनाओं के लिए इनका पता लगाना मुश्किल है। एक अधिकारी ने कहा, "ये पुराने जमाने की रस्सी से बंधी हुई सुरंगें नहीं हैं।"
परेशानी
सुरंगों को हटाना बेहद जटिल काम- अधिकारी
बैठक के दौरान एक अधिकारी ने कहा, "रिमोट ट्रिगर्स और GPS-लिंक्ड पोजिशनिंग के इस्तेमाल से अमेरिकी नौसेना बलों के लिए वर्तमान स्वीपिंग उपकरणों से इनका पता लगाना और इन्हें निष्क्रिय करना काफी मुश्किल हो जाता है।" इस प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले विस्फोटकों की खोज करना, फिर उन्हें निष्क्रिय करना और फिर समुद्र तल से हटाना शामिल है। बताया जाता है कि कुछ यूरोपीय देशों के पास ही इन्हें हटाने की आधुनिक तकनीक है।
लोकेशन
रिपोर्ट में दावा- ईरान सुरंगों की लोकेशन भूल गया
कुछ दिन पहले द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया था कि ईरान होर्मुज में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को खोजने में असमर्थ था, क्योंकि वो खुद इनकी लोकेशन भूल गया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने आनन-फानन में ये सुरंगें बिछाई थीं और अब उसके पास इन्हें हटाने के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। अधिकारियों ने दावा किया कि होर्मुज बंद रखे रहने का यह एक बड़ा कारण है।