इराक के ऊपर कैसे दुर्घटनाग्रस्त हुआ अमेरिका का KC-135 विमान, अब तक क्या-क्या पता है?
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध को आज 2 हफ्ते हो गए हैं। इस बीच पश्चिमी इराक में अमेरिका का एक सैन्य ईंधन भरने वाला विमान बोइंग KC‑135 दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। ये चौथा विमान है, जिसे अमेरिका को इस युद्ध में खोना पड़ा है। इससे पहले 2 मार्च को कुवैत में भी अमेरिका के 3 सैन्य विमान क्रैश हो गए थे। आइए इस घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विमान
सबसे पहले विमान के बारे में जानिए
KC-135 एक रिफ्यूलिंग विमान है। यानी ये हवा में ही दूसरे विमानों में ईंधन भरने के काम आता है। इसका निर्माण बोइंग द्वारा 1950 के दशक में शुरू किया गया था। करीब 729 करोड़ रुपये की लागत वाला ये विमान अपने साथ 37,000 किलोग्राम वजन लेकर उड़ने में सक्षम है। आमतौर पर इसमें 3 सदस्यीय चालक दल होता है। इसमें एक पायलट, को-पायलट और हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया संभालने के लिए एक बूम ऑपरेटर होता है।
घटना
घटना के बारे में क्या पता है?
अमेरिका ने बताया कि ईरान के खिलाफ अभियान में शामिल एक KC-135 पश्चिमी इराक में 'दोस्त देश के हवाई क्षेत्र' में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में 2 KC-135 विमान शामिल थे, जिनमें से एक सुरक्षित उतर गया है। विमान में कितने लोग सवार थे या दुर्घटना में कितने लोग हताहत हुए इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में विमान में 5 लोग सवार होने की बात कही जा रही है।
कारण
घटना के कारणों के बारे में अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिका ने कहा है कि विमान किसी दुश्मन देश की गोलीबारी या अपनी ही गोलीबारी के चलते हादसे का शिकार नहीं हुआ। अमेरिका ने बताया कि जैसे-जैसे स्थिति में सुधार होगा और ज्यादा जानकारी उपलब्ध होगी, वैसे ही नया अपडेट जारी किया जाएगा। हालांकि, BBC ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि संभवत: ये विमान हादसे का शिकार हो गया। इसके पीछे रिफ्यूलिंग की जटिल प्रक्रिया को वजह बताया गया है।
इराक
इराक के शिया विद्रोही गुट ने ली घटना की जिम्मेदारी
इराक के एक शिया विद्रोही गुट इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने दावा किया है कि उसने इस विमान को मार गिराया है। इस संगठन को ईरान का भी समर्थन मिला हुआ है। समूह ने एक बयान में कहा कि उसने अपने देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा में KC-135 विमान को मार गिराया है। वहीं, सोशल मीडिया पर दूसरे विमान की कुछ कथित तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें विमान की पुंछ क्षतिग्रस्त दिख रही है।
प्रक्रिया
जटिल होती है विमान में हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया
विमान में हवा में ही ईंधन भरने के दौरान लड़ाकू विमान को टैंकर विमान के बहुत नजदीक रहना पड़ता है। इसके बाद टैंकर से एक ईंधन पाइप नीचे आती है और लड़ाकू विमान उसे नोजल में लगाने के लिए अपनी स्थिति ठीक करता है। इस प्रक्रिया के दौरान दोनों विमान कुछ फीट की दूरी पर ही उड़ रहे होते हैं इसलिए छोटी सी गलती भी दुर्घटना को न्योता दे सकती है।