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डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरकर 92.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
रुपया 92.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरकर 92.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

Mar 13, 2026
10:39 am

क्या है खबर?

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आज (13 मार्च) फिर गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में रुपया 12 पैसे गिरकर 92.37 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 92.33 पर खुला और बाद में और कमजोर होकर नीचे आ गया। इससे पहले गुरुवार को भी रुपया गिरकर 92.25 पर बंद हुआ था। लगातार गिरावट से विदेशी मुद्रा बाजार में दबाव की स्थिति देखी जा रही है।

#1

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से दबाव

रुपये की कमजोरी की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं। मध्य पूर्व में जारी तनाव की वजह से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। भारत तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल महंगा होने पर देश को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं और इससे रुपये पर दबाव बढ़ जाता है।

#2

मजबूत डॉलर और विदेशी निवेश की निकासी

रुपये पर दबाव बढ़ने की दूसरी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी है। जब डॉलर मजबूत होता है तो कई देशों की मुद्राएं कमजोर पड़ जाती हैं। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी रकम निकाली है। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने एक दिन में ही करीब 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच दिए। इससे भी रुपये की मांग कम हुई और उसकी कीमत नीचे चली गई।

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#3

महंगाई और बाजार का कमजोर माहौल

देश के अंदर भी कुछ आर्थिक कारण रुपये पर असर डाल रहे हैं। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21 प्रतिशत हो गई है। इसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं। जब महंगाई बढ़ती है तो आर्थिक माहौल पर असर पड़ता है और बाजार में चिंता बढ़ती है। ऐसे माहौल में रुपये पर दबाव बना रहता है।

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