होर्मुज खुलेगा, ईरान को मिलेगी फ्रीज संपत्ति; अमेरिका-ईरान समझौते में क्या-क्या शामिल?
क्या है खबर?
लंबी चर्चा और कई देशों के कूटनीतिक प्रयासों के बाद अमेरिका-ईरान में शांति समझौता हो गया है। इस पर 19 जून को जेनेवा में हस्ताक्षर किए जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाएगा। हालांकि, समझौता ज्ञापन (MoU) की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं, लेकिन ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने बताया है कि इसमें 14 सूत्रीय मसौदा समझौते का विवरण है।
युद्ध
लेबनान समेत सभी मोर्चों पर रुकेगा युद्ध
रिपोर्ट के अनुसार, पहले प्रावधान में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को 'स्थायी और तत्काल' रुप से खत्म करने का आह्वान किया गया है। समझौते में ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने और उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता भी शामिल है। साथ ही बड़ा प्रावधान ये है कि अमेरिका और इजरायल फिर कोई नया युद्ध शुरू नहीं करने की गारंटी देंगे। अमेरिका, इजरायल की ओर से भी सुरक्षा गारंटी देगा।
होर्मुज
30 दिन के भीतर खुलेगा होर्मुज
मसौदे में अगले 30 दिनों के भीतर ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और ईरान के आसपास तैनात अमेरिकी सेनाओं को वापस बुलाने की प्रतिबद्धता भी शामिल है। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान में ईरान की देखरेख में होर्मुज जलडमरूमध्य को 30 दिनों के भीतर फिर से खोलने की बात कही गई है। इस अवधि के भीतर समुद्री व्यापार को पहले की तरह बहाल किया जाने पर भी सहमति बनी है।
संपत्ति
ईरान को मिलेगी अरबों रुपये की फ्रीज संपत्ति
मेहर के मुताबिक, अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए करीब 28 लाख करोड़ रुपये की मदद देंगे। इसके अलावा विदेशों में फंसे ईरान के 2,286 करोड़ रुपये भी जारी किए जाएंगे। अंतिम बातचीत शुरू होने से पहले ही इस राशि का एक बड़ा हिस्सा ईरान को दिया जा सकता है। मसौदे में यह भी कहा गया है कि ईरान के तेल और ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाएगा।
भविष्य की वार्ता
60 दिन के दौरान होगी जटिल मुद्दों पर चर्चा
दोनों देश समझौते पर हस्ताक्षर होने के 60 दिन के दौरान अंतिम वार्ता करेंगे। इसमें केवल यूरेनियम संवर्धन, संवर्धित सामग्री, प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जबकि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और प्रतिरोध समूहों के समर्थन को एजेंडा से बाहर रखा जाएगा। ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगा। 60 दिन के भीतर ही ईरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर आगे की सहमति बनाने की कोशिश होगी।
विवाद
शर्तों को लेकर विवाद भी सामने आए
अमेरिका ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि समझौता होने के 60 दिन के दौरान उसकी फ्रीज संपत्ति जारी कर दी जाएगी। एक अधिकारी ने CNN से कहा, "यह गलत है। जब तक ईरान अपनी प्रतिबद्धता लागू नहीं करेगा, तब तक कोई फंड जारी नहीं किया जाएगा।" इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा था कि अगले चरण की बातचीत तभी शुरू होगी, जब अमेरिका पहले अपने वादे पूरे करेगा।