#NewsBytesExplainer: विश्व आर्थिक मंच क्या है और क्या काम करता है?
क्या है खबर?
स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की सालाना बैठक शुरू हो चुकी है। भारत समेत दुनिया के कई देशों के हजारों प्रतिनिधि इसमें हिस्सा ले रहे हैं। आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसे संबोधित करेंगे। वैश्विक एजेंडे को आकार देने वाला यह वार्षिक मंच ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर भारी उथल-पुथल मची हुई है। आइए WEF के बारे में जानते हैं।
WEF
क्या है WEF?
WEF स्विट्जरलैंड में स्थित एक गैर-लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संस्था है। इसकी स्थापना 1971 में जर्मन प्रोफेसर क्लॉस श्वाब ने की थी। पहले इसे यूरोपीय प्रबंधन मंच कहा जाता था, लेकिन 1987 से इसे WEF कहा जाने लगा। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक मंच है। इसकी सालाना बैठक में व्यापार, आर्थिक असमानता, जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होती है। दुनियाभर के अलग-अलग समूहों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेते हैं।
वर्तमान सम्मेलन
इस बार के सम्मेलन का क्या है एजेंडा?
इस बार का सम्मेलन 19 जनवरी से शुरू हो गया है, जो 23 जनवरी तक चलेगा। हर दिन सुबह 9 बजे से सत्र शुरू होते हैं, जिनमें व्यापार, सरकार, नेता, शिक्षाविद, पत्रकार और नागरिक समाज के प्रतिनिधि और अन्य क्षेत्रों से लगभग 3,000 लोग हिस्सा ले रहे हैं। इस साल सम्मेलन की थीम है 'संवाद की भावना'। इस दौरान 200 से अधिक सत्रों में भू-राजनीति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लेकर जलवायु परिवर्तन तक अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सदस्य
कौन-कौन शामिल हो रहा है?
सम्मेलन में अमेरिका, यूक्रेन, फ्रांस और सीरिया के राष्ट्रपति, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, कनाडा और कतर के प्रधानमंत्री, चीन के उप प्रधानमंत्री समेत कई राष्ट्राध्यक्ष आ रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि 55 वित्त मंत्री, 33 विदेश मंत्री, 34 वाणिज्य मंत्री और 11 केंद्रीय बैंक के गवर्नर भी हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, तकनीकी दिग्गजों में एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और गूगल डीपमाइंड के डेमिस हसाबिस शामिल हैं।
भारत
भारत का प्रतिनिधित्व कौन कर रहा है?
भारत से 80 से ज्यादा उद्योगपति, CEO और वरिष्ठ नेता दावोस पहुंचे हैं। इनमें 4 केंद्रीय मंत्री और 6 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और नागरिक उड्डयन मंत्री के रामममोहन नायडू शामिल हैं। इस दौरान भारत के 7 बड़े कारोबारी ट्रंप से मुलाकात करेंगे। इनमें टाटा संस, भारती एंटरप्राइजेस, विप्रो, इंफोसिस, बजाज, महिंद्रा और जुबिलेंट समूह से जुड़े कारोबारी शामिल हैं।
फायदा
भारत के लिए कितना अहम है ये मंच?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, WEF भारत के लिए काफी अहम है। इस मंच पर भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था, निवेश के मौके और भविष्य की योजनाओं को दुनिया के सामने रख रहा है। सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधि यहां भारत को निवेश और साझेदारी के लिए आकर्षक देश के तौर पर पेश कर रहे हैं। ये लोग यहां द्विपक्षीय बैठकों, संवाद सत्रों, चर्चाओं और सेमिनार में शामिल होंगे। भारत पहले भी सक्रिय रूप से इस मंच में हिस्सा लेता रहा है।
दावोस
दावोस में ही क्यों होता है सम्मेलन?
WEF का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के कोलोग्नी शहर में है, लेकिन इसकी वार्षिक बैठक दावोस में होती है। दावोस छोटा पर्वतीय शहर है, जो आल्पस पर्वत श्रृंखला में स्थित है। यहां की आबादी केवल 10,000 है। 1971 से हर साल जनवरी में यहां WEF का सम्मेलन होता है। इस शहर के चयन के पीछे प्राकृतिक सौंदर्य के अलावा एक साहित्यिक कारण भी है। दावोस को एक प्रसिद्ध उपन्यास में दर्शाया गया था, जिसके बाद ये दुनियाभर में प्रसिद्ध हो गया।