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अमेरिका 'USS त्रिपोली' को पश्चिम एशिया में भेज रहा; इस पर 2,000 नौसैनिक, दर्जनों लड़ाकू विमान
अमेरिका पश्चिम एशिया में एक और युद्धपोत तैनात करने जा रहा है

अमेरिका 'USS त्रिपोली' को पश्चिम एशिया में भेज रहा; इस पर 2,000 नौसैनिक, दर्जनों लड़ाकू विमान

लेखन आबिद खान
Mar 20, 2026
03:49 pm

क्या है खबर?

ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अमेरिका ने हमलावर जहाज USS त्रिपोली को तनावग्रस्त पश्चिम एशिया में भेजने का फैसला लिया है। 50,000 टन वजनी इस युद्धपोत पर अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) के 2,000 से ज्यादा नौसैनिक तैनात हैं। अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों से लैस यह विशाल जहाज फिलहाल श्रीलंका के दक्षिण में दक्षिणी हिंद महासागर में है।

तैनाती

अगले 2-3 दिन में युद्ध क्षेत्र में पहुंच सकता है USS त्रिपोली

15 मार्च को सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि USS त्रिपोली 2 अनुरक्षक जहाजों के साथ दक्षिण चीन सागर में दक्षिण-पश्चिम की ओर यात्रा कर रहा है। 16 मार्च को इसे सिंगापुर के पास देखा गया। इस युद्धपोत के 22-23 मार्च के आसपास युद्ध क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में सेना भेजने के बारे में कहा कि वे कहीं भी सैनिक नहीं भेज रहे हैं।

जहाज

कितना ताकवतर है USS त्रिपोली?

USS त्रिपोली अमेरिका श्रेणी का एम्फीबियस असॉल्ट शिप है। यह नौसैनिक अभियानों में मदद के लिए F-35B स्टील्थ लड़ाकू विमान, MV-22 ऑस्प्रे विमान और हेलीकॉप्टर ले जाने में सक्षम है। 844 फीट लंबे इस जहाज पर दुश्मन की भूमि पर मरीन सैनिकों को उतारने के लिए लैंडिंग शिप डेक (LSD) भी हैं। इस पर 31वीं MEU के 2,200 सैनिक हैं, जो जमीनी और हवाई लड़ाई और ऐसे अभियानों के लिए प्रशिक्षित हैं, जिनमें जहाज से जमीन पर जाना होता है।

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वजह

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने जा रहा है USS त्रिपोली?

युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में उर्जा संकट सामने आया है और तेल की कीमतें बढ़ी हैं। माना जा रहा है कि होर्मुज से जहाजों का आवागमन शुरू करने के लिए अमेरिका को ईरान के तट पर सैनिकों को तैनात करना होगा। चूंकि, ईरान के नौसैनिक बेड़े का ज्यादातर हिस्सा नष्ट हो चुका है, इसलिए इसे एक व्यवहार्य और कम जोखिम भरा विकल्प माना जा रहा है।

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खार्ग द्वीप

खार्ग द्वीप पर कब्जा करेगा अमेरिका?

एक संभावना ये जताई जा रही है कि अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है। यहां से ईरान अपना 90 प्रतिशत तेल निर्यात करता है। अमेरिका पहले ही खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को नष्ट कर चुका है। अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि ट्रंप द्वीप को नष्ट करने के बजाय उस पर नियंत्रण रखने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका यहां अपने नौसैनिक उतारकर जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

परमाणु

ईरान के यूरेनियम पर कब्जा कर सकता है अमेरिका

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकने वाले करीब 430 किलोग्राम उच्च संवर्धनित यूरेनियम को सुरक्षित करने के लिए जमीनी सेना भेज सकते हैं। माना जाता है कि ज्यादातर यूरेनियम अमेरिका और इजरायल द्वारा बमबारी किए गए ठिकानों के मलबे में दबा हुआ है, जिसे सुरक्षित करने के लिए जमीनी सेना भेजनी होगी। हालांकि, अभी तक अमेरिका की ओर से कुछ भी आधिकारिक तौर पर नहीं कहा गया है।

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